नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बीच कांग्रेस आलाकमान और राज्य के नेताओं द्वारा निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सम्मान और उनके राजनीतिक योगदान की जमकर सराहना की जा रही है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली पहुंचे सिद्धारमैया ने जहां एक ओर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की, वहीं दूसरी ओर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और भावी मुख्यमंत्री माने जा रहे डीके शिवकुमार ने उनके लंबे व गौरवशाली राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
खरगे ने कहा- "सिद्धारमैया का जीवन सामाजिक न्याय का प्रतीक"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया की सार्वजनिक जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन हमेशा सम्मान, करुणा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। खरगे ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना और दो बार राज्य की कमान संभालना उनकी काबिलियत को दर्शाता है। अपने कार्यकाल के दौरान सिद्धारमैया ने हमेशा समानता, सामाजिक सद्भाव और समाज के वंचित व पिछड़े वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी। खरगे ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनका लंबा अनुभव आगे भी समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा।
डीके शिवकुमार का प्रेरक संदेश- "दूर तक जाना है तो साथ चलना होगा"
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी सिद्धारमैया के नेतृत्व, संघर्ष और प्रतिबद्धता की खुलकर तारीफ की। शिवकुमार ने एक बेहद दार्शनिक और प्रेरक संदेश साझा करते हुए कहा, "ईश्वर किसी को वरदान या अभिशाप नहीं देता, बल्कि वह सिर्फ अवसर देता है। असली महत्व इस बात का है कि हम उन अवसरों का उपयोग कैसे करते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सिद्धारमैया का जीवन इस विचार का सबसे जीवंत उदाहरण है, जिन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च पद का सफर तय किया।
शिवकुमार ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक और प्रेरक विचार साझा किया, "अगर आपको तेजी से चलना है तो अकेले चलिए, लेकिन अगर दूर तक जाना है तो साथ चलिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कर्नाटक के विकास और जनता की भलाई के लिए सिद्धारमैया के साथ इस साझा यात्रा और उनके मार्गदर्शन को आगे भी जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बेटे और करीबियों के लिए कैबिनेट और डिप्टी सीएम पद की मांग
राजनीतिक गलियारों और पार्टी सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक, 10 जनपथ पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ भी एक बेहद अहम और गुप्त बैठक की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया ने नई सरकार के गठन को लेकर अपनी कुछ मांगें आलाकमान के सामने रखी हैं। वे अपने बेटे यतिंद्रा (जो वर्तमान में विधान परिषद सदस्य हैं) और अपने कुछ बेहद करीबी विधायकों के लिए नए कर्नाटक कैबिनेट में प्रभावशाली जगह मांग रहे हैं, जिसमें एक खेमे के लिए उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) का पद भी शामिल है।
10 जनपथ पर जुटी कर्नाटक कांग्रेस की लीडरशिप
इससे पहले, शुक्रवार को दिल्ली के 10 जनपथ स्थित आवास पर एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई, जिसमें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने एक साथ राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मौजूद रहे। इस बैठक को कर्नाटक में सत्ता के सुचारू हस्तांतरण (पावर ट्रांसफर) और नई कैबिनेट में सभी गुटों व सामाजिक समीकरणों को साधने की कांग्रेस की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

More Stories
BJP हाईकमान ने साय सरकार की कार्यशैली पर रखा ध्यान, संभावित बदलाव की चर्चा
भूपेश बघेल बोले- ‘हाईकमान कहता तो आज ही इस्तीफा दे देता’
पंजाब की राजनीति में नया मोड़, क्या सचदेवा घेरेंगे केजरीवाल को?