नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया ने वैश्विक चुनौतियों के बीच अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बीच हुई वार्ता के बाद, दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अपग्रेड करने के लिए आधिकारिक बातचीत शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करना और व्यापारिक बाधाओं को कम करना है।
भविष्य की तकनीक और औद्योगिक विस्तार
इस साझेदारी का मुख्य ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स, उभरती तकनीकों और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर है। पीएम मोदी ने इसे 'चिप से लेकर शिप' तक का सहयोग बताते हुए कहा कि यह भविष्योन्मुखी साझेदारी दोनों देशों के उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगी। साथ ही, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और शांति के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प दोहराया।

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