भोपाल
अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण गुलशन बामरा ने कहा है कि देश में लागू की जा रही सर्कुलर इकोनॉमी को पर्यावरण संरक्षण, रिसोर्स कंजर्वेशन अपशिष्ट मिनीमाइजेशन करते हुए स्वच्छ भारत-उत्तम भारत की अवधारणा को लागू करने की दिशा में कार्य करना है। बामरा इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ई-अपशिष्ट संबंधी कार्यशाला में संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर के संचालक डॉ. सुभाष जोशी, बोर्ड के सदस्य सचिव ए.ए. मिश्रा के साथ प्रदेश एवं देश के विभिन्न स्टेक होल्डर शामिल हुए।
प्रमुख सचिव पर्यावरण बामरा ने कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सर्कुलर इकोनॉमी चक्रीय अर्थ-व्यवस्था को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये योजनाबद्ध रूप से कार्रवाई की जा रही है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ई-अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिये रिसाइकल, रियूज को बढ़ावा देना है। इसमें इन्फार्मल सेक्टर को फार्मलाइज करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न सेक्टर्स में किये जा रहे कार्यों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। इसमें केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संचालक आनंद कुमार ने अपशिष्ट के निपटान में लागू की गई ईपीआर व्यवस्था एवं उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने संबंधी पोर्टल का प्रेजेंटेशन दिया। भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक, एसबीआई के प्रबंधक, सस्टेनिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशन हैदराबाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सस्टेनेबल इलेक्ट्रॉनिक रिसाइकिलिंग इंटरनेशन इंस्टीट्यूट के सीनियर एडवाइजर इत्यादि ने भी प्रेजेंटेशन दिये।
कार्यशाला में स्वच्छतम शहर इंदौर में अपनाई गई स्वच्छता प्रक्रिया को प्रदेश के अन्य शहरों में भी विकसित करने पर चर्चा की गई।

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