वजन बढ़ना हमेशा से लोगों की बड़ी समस्या रही है, लेकिन कोरोना काल के बाद लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम कल्चर के कारण लोगों की फिजिकल एक्टिविटीज पर असर पड़ा है जिसके कारण कई युवा और मिडिल एज के लोग मोटे हो गए हैं, लेकिन अब पेट अंदर करना मुश्किल होता जा रहा है. वेट लूज करने के लिए अक्सर हमें हेवी एक्सरसाइज और हेल्दी फूड हैबिट्स फॉलो करने की सलाह दी जाती है लेकिन ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हम सही वक्त पर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर नहीं करेंगे तो इसके कारण हमारा वजन बढ़ सकता है.
सोने और खाने के बीच कितना गैप रखें?
आयुषी यादव के मुताबिक भोजन के जितनी देर तक आपका शरीर एक्टिव रहेगा, उतनी देर तक कैलोरी बर्न होते रहेगी. अगर ऐसा नहीं होगा फैट हमारे कमर और पेट के आसपास जमा होने लगेगा. इसलिए खाने के तुरंत बाद सोने से मना किया जाता है. रात या दिन को सोने से से 3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए.
नींद आने से पहले कर लें डिनर
अक्सर डॉक्टर इस बात की सलाह देते हैं कि आपको नींद महसूस होने से काफी पहले खाना खा लेना चाहिए क्योंकि सोने से पहले हमारा शरीर समेटालोनिन (Melatonin) रिलीज करने लगता है, तब तक भोजन खत्म कर लेना चाहिए. अगर नींद आते वक्त आप खाना खाएंगे तो खुद मोटापे को दावत मिलेगी.
ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर करने का सही वक्त
कई सर्वे के मुताबिक, नाश्ता करने का सबसे अच्छा वक्त सुबह 7:00 बजे, दोपहर का भोजन 12:30 बजे और रात का खाना करीब 7:00 बजे है. लेकिन चूंकि जरूरी नहीं है कि इन खास टाइमिंग पर आपका भोजन करना मुमकिन हो पाए. इसलिए वक्त को 15 से 20 मिनट खिसकाने में कोई बुराई नहीं है.

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