नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को निर्देश दिया कि वह एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने वाले डॉक्टरों के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा के मुद्दे पर विचार करे और इसकी गहन जांच करे।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने डॉक्टरों के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने एनएमसी को इस संबंध में नीतिगत पहलुओं की जांच करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ दिसंबर की तारीख तय की है।
मई 2024 से लंबित याचिका पर सुनवाई
गौरतलब है कि मई 2024 में शीर्ष अदालत ने कर्नाटक के एक डीम्ड विश्वविद्यालय में निजी सीटों से स्नातक करने वाले कुछ एमबीबीएस छात्रों द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की थी। याचिका में एमबीबीएस के बाद अनिवार्य ग्रामीण सेवा से जुड़े नियमों और बाध्यताओं को चुनौती दी गई थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने एनएमसी को समग्र दृष्टिकोण से निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

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