भोपाल। राजधानी के मालीखेड़ी इलाके में घटित एक ही परिवार के पाँच सदस्यों की दर्दनाक मौत के सनसनीखेज मामले में पुलिस की छानबीन के दौरान नए और चौंकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए हैं। अपनी माँ, पत्नी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले नरेंद्र साहू के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिससे इस सामूहिक हत्याकांड और खुदकुशी की गुत्थी उलझती जा रही है। पुलिस जाँच में आर्थिक बदहाली के साथ-साथ ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के गहरे जाल के संभावित कनेक्शन भी सामने आए हैं। मृतक के परिजनों ने दो महिलाओं पर नरेंद्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिनमें से एक महिला द्वारा ब्लैकमेल किए जाने और दूसरी महिला के साथ वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद होने का दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक परिचित दोस्त से भारी ब्याज पर कर्ज लेने की बात भी सामने आने के बाद पुलिस अब इन तमाम आरोपों की सत्यता परखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
आर्थिक संकट, होटल की नौकरी छूटना और बढ़ता कर्ज
इस पूरे दर्दनाक घटनाक्रम के पीछे नरेंद्र की आर्थिक स्थिति में आए भारी उतार-चढ़ाव ने एक अहम भूमिका निभाई है। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व तक नरेंद्र की माली हालत काफी सुदृढ़ थी और वह एक प्रतिष्ठित होटल में सालाना दस लाख रुपये के पैकेज पर बतौर हेड शेफ सेवारत था। हालांकि, समय बीतने के साथ पहले होटल प्रबंधन द्वारा समय पर वेतन न दिए जाने और बाद में होटल बदलने तथा खुद का कारोबार शुरू करने के दौरान हुए लगातार नुकसान ने उसे आर्थिक रूप से तोड़ दिया। हालात यहाँ तक बिगड़ गए कि सिर पर मंडराते कर्ज के बोझ को चुकाने के लिए उसे अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ गया, लेकिन इसके बावजूद लगभग पच्चीस लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज उसके सिर पर शेष रह गया था। पुलिस अब यह खंगालने का प्रयास कर रही है कि इस गहरे आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ने उसे इस खौफनाक कदम को उठाने के लिए किस हद तक विवश किया।
दो महिलाओं के संपर्क और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने परिजनों के बयनों के आधार पर नरेंद्र के संपर्कों की फेरिस्त खंगालनी शुरू कर दी है। मृतक के बहनोई द्वारा पुलिस को दिए गए आधिकारिक बयानों के मुताबिक, सीहोर की रहने वाली नेहा नामक महिला द्वारा नरेंद्र को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था, जबकि सिमर नामक दूसरी महिला के साथ भी पैसों के लेनदेन को लेकर उसका गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि इन दोनों महिलाओं की मानसिक प्रताड़ना के कारण नरेंद्र अत्यधिक तनाव में रहता था। हालांकि पुलिस इन सभी दावों के कानूनी पहलुओं और वास्तविकता की पुष्टि के लिए दोनों महिलाओं से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस विवाद की असल पृष्ठभूमि क्या थी।
मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और दो अलग-अलग थानों द्वारा पड़ताल
इस जटिल मामले की तह तक पहुँचने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को सबसे बड़ा आधार मान रही है। सूखी सेवनिया क्षेत्र से जब्त किए गए नरेंद्र के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, जिससे डिलीट किए गए डेटा, कॉल डिटेल्स, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए ब्लैकमेलिंग तथा वित्तीय लेन-देन की पूरी दास्तां सामने आ सकेगी। इस दोहरे एवं बहुस्तरीय मामले की जाँच के लिए छोला मंदिर और सूखी सेवनिया पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामलों में जहाँ छोला मंदिर पुलिस हत्या के विभिन्न पहलुओं की कड़ियां जोड़ रही है, वहीं मुख्य आरोपी नरेंद्र की खुदकुशी के मामले की मर्ग कायम कर सूखी सेवनिया पुलिस द्वारा बारीकी से छानबीन की जा रही है।

More Stories
MP में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी का मौका, 10वीं पास कर सकेंगी आवेदन
रतलाम में दिवाली की अनोखी रौनक, नोटों और गहनों से जगमगाया महालक्ष्मी मंदिर
लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, समिति प्रबंधक की संपत्ति देख अधिकारी भी हैरान