October 19, 2026

रायपुर में ओवरपास निर्माण का रास्ता साफ, छत्तीसगढ़ में 243.81 करोड़ के कार्य स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के आधारभूत ढांचे को नई मजबूती देने और सुगम यातायात व्यवस्था बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के तहत कुल 243.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों, ओवरपास, फ्लाईओवर और उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण कार्यों को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस योजना का सीधा लाभ राज्य की राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर संभाग के सुदूर बीजापुर जिले तक के निवासियों को मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्वीकृत विकास कार्यों के कार्यादेश जारी करते हुए निर्माण एजेंसियों को अविलंब कार्य धरातल पर शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

राजधानी रायपुर को फुंडहर ओवरपास और रायपुरा सर्विस रोड से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति

इस स्वीकृति में राजधानी रायपुर की जनता के लिए एक बड़ी राहत शामिल है, जहां व्यस्त फुंडहर चौक पर 29.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक नए ओवरपास का निर्माण किया जाएगा। प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही और भीषण ट्रैफिक जाम से जूझ रहे फुंडहर चौराहे पर ओवरपास बनने के उपरांत आवागमन सुचारू और सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुरा चौक स्थित फ्लाईओवर की 3.66 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण भी किया जाएगा, जिससे शहर के व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

प्रदेशभर में 12 पुलों व 6 सड़कों की स्वीकृति और बीजापुर में इंद्रावती नदी पर ऐतिहासिक पुल

राज्य के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शहरी और ग्रामीण अंचलों को आपस में जोड़ने के लिए कुल 12 नए पुलों तथा 6 प्रमुख सड़कों के नवनिर्माण व उन्नयन कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के संवेदनशील बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पर 36 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक उच्च स्तरीय पुल बनाया जाएगा। यह पुल मानसून और भारी बारिश के दौरान कट जाने वाले दर्जनों गांवों की संपर्क व्यवस्था को सालभर बहाल रखने में अत्यंत निर्णायक साबित होगा।

समयबद्धता और निर्माण गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े प्रशासनिक निर्देश

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं पर अविलंब कार्य प्रारंभ कर उन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से न केवल ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि राज्य के व्यापार, परिवहन और आम नागरिकों की दैनिक यात्रा को एक नई गति और सुरक्षा मिलेगी।