September 12, 2026

दो मिनट के CCTV फुटेज ने खोली रायसेन जेल गोलीकांड की परतें, कैमरे में कैद हुआ फरार होने का राज

रायसेन| जिला जेल में 2 सितंबर को घटे सनसनीखेज गोलीकांड के नौ दिनों के उपरांत घटना का लगभग दो मिनट का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रसारित वीडियो में विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल जेल प्रहरी पर जानलेवा हमला कर भागने का प्रयास करता साफ दिखाई दे रहा है। अति संवेदनशील फुटेज के सार्वजनिक होने के पश्चात जेल सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीय दस्तावेजों के रखरखाव पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।

चाबी छीनने का प्रयास और जेल प्रहरी पर गोलीबारी

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हत्या के प्रकरण में बंद विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल सर्वप्रथम जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से चाबियों को लेकर चर्चा करता है। प्रहरी के भीतर जाते ही आरोपी हाथ में अवैध कट्टा लेकर आता है और उन्हें डराने-धमकाने लगता है। प्रहरी द्वारा प्रतिरोध करने पर दोनों के मध्य हाथापाई शुरू हो जाती है। इसी दौरान आरोपी कैदी गोली चला देता है, जिससे प्रहरी आहत होकर भूमि पर गिर पड़ते हैं।

हमले के बाद मिर्च पाउडर डाला, साहसी प्रहरी ने फिर भी दबोचा

घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी गोली चलाने के बाद भी नहीं रुका। उसने लहुलूहान प्रहरी के सिर पर कट्टे के पिछले हिस्से से दो प्रहार किए और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। इसके पश्चात वह मुख्य द्वार की चाबी ढूंढने लगा। इसी बीच एक महिला कर्मचारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नीचे गिरा कट्टा उठा लिया। गंभीर चोट लगने के बावजूद प्रहरी दिग्विजय सिंह ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। शोर सुनकर पहुंचे अन्य सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को काबू में कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार जीवित कारतूस तथा एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।

साजिश के तहत जेल से फरार होने की रची गई थी योजना

पुलिस पड़ताल में यह बात प्रमाणित हुई है कि यह वारदात अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम थी। आरोपी निलेश विगत 11 माह से रायसेन जेल में परिरुद्ध है। वह पठारी क्षेत्र के नेपाल सिंह हत्याकांड में विचाराधीन कैदी है, जबकि एक अन्य हत्याकांड में उसे सजा सुनाई जा चुकी है। जेल में उसकी जान-पहचान राहुल बेदी से हुई, जिसके माध्यम से उसने हथियार मंगवाए। जिलाबदर होने के कारण राहुल ने अपने सहयोगी शुभम बेदी को इस कार्य में लगाया।

योजना के तहत आरोपी के रिश्तेदार सुपियार सिंह ने 315 बोर का कट्टा और कारतूस शुभम को सौंपे। शुभम ने जेल परिसर की बाहरी दीवार के समीप तय स्थान पर सामग्री फेंक दी, जिसे निलेश ने उठाकर सुरक्षित रख लिया। 2 सितंबर को जेल अधीक्षक के अवकाश पर रहने का लाभ उठाकर आरोपी फल खाने के बहाने मुख्य द्वार तक पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया।

प्रशासनिक कार्रवाई और आरोपियों पर शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कार्यवाहक जेल अधीक्षक आरके चौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी निलेश, राहुल बेदी, शुभम बेदी तथा फरार रिश्तेदार सुपियार सिंह के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीकृत कर लिया है। राहुल और शुभम को पूर्व में ही अभिरक्षा में ले लिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।

सुरक्षा रिकॉर्ड की गोपनीयता भंग होने पर जांच शुरू

जेल परिसर का गोपनीय सीसीटीवी फुटेज अन्य जिले में पदस्थ एक जेल कर्मचारी के सोशल मीडिया खाते से प्रसारित होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। अत्यंत गोपनीय श्रेणी का यह फुटेज बाहर कैसे आया और इसे इंटरनेट पर साझा करने की क्या मंशा थी, इस बिंदु पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच कराई जा रही है।