रांची:झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की विभिन्न परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के मामले की जांच अब एक नए चरण में पहुंच गई है। इस बहुचर्चित मामले की गहराई से छानबीन कर रही सीआईडी (अपराध जांच विभाग) अब उन लगभग डेढ़ दर्जन अभ्यर्थियों के वित्तीय लेन-देन यानी मनी ट्रेल को खंगालने में पूरी तरह जुट गई है, जिन पर सेटिंग के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण करने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी इस महत्वपूर्ण कड़ी के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा किस स्तर तक फैला हुआ है और इस अवैध रैकेट के दौरान कुल कितनी रकम का लेन-देन किया गया है।
सीआईडी को हाथ लगे फर्जी नियुक्ति के अहम सुराग
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की जांच का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से हुई सघन पूछताछ और विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों के आधार पर सीआईडी को कई ठोस सुराग हाथ लगे हैं। इन संदिग्ध अभ्यर्थियों के बैंक खातों का पूरा ब्योरा प्राप्त करने के लिए एजेंसी ने संबंधित बैंकों के साथ पत्राचार शुरू कर दिया है, ताकि पैसों के असली स्रोत (सोर्स) और उनके गंतव्य (डेस्टिनेशन) की प्रामाणिक पुष्टि की जा सके।
बढ़ सकता है फर्जी नियुक्तियों और वसूली का आंकड़ा
आरंभिक जांच-पड़ताल में इस बात के संकेत मिले हैं कि विभिन्न परीक्षाओं के लगभग पांच सौ अभ्यर्थियों की नियुक्तियां अवैध या फर्जी तरीकों से कराई गई थीं। इस पूरी प्रक्रिया के एवज में 15 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि वसूले जाने की बात सामने आ रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे अनुसंधान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, फर्जी नियुक्तियों और लेन-देन से जुड़ा यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता है, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। गौरतलब है कि जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर सीआईडी इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है।

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