August 26, 2026

MP में खाद्य पदार्थों की जांच तेज, गुजरात के घी और नागपुर के मिल्क केक पर उठे सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक जांच अभियान के तहत अब बाहरी राज्यों से आने वाली खाद्य सामग्री भी कड़े प्रशासनिक घेरे में आ गई है। प्रदेश स्तरीय सघन जांच के दौरान गुजरात से आए घी का नमूना 'असुरक्षित' (Unsafe) पाया गया है, जबकि नागपुर से भोपाल भेजी गई मिल्क केक की खेप 'अमानक' (Substandard) घोषित की गई है। इन दोनों गंभीर मामलों में मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने संबंधित राज्यों के शीर्ष अधिकारियों को पत्र जारी कर सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है।

गुजरात के 'बालाजी डेयरी' का घी जांच में असुरक्षित

प्रदेश में 20 जुलाई से जारी खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत विभिन्न ब्रांड्स के घी के नमूने FSSAI द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में गुजरात के खेड़ा जिले स्थित 'बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स' का घी मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने 25 अगस्त को गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर संबंधित निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत तत्काल प्रतिबंधात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है। इसकी प्रति FSSAI के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।

नागपुर से बस के जरिए आ रहा अमानक मिल्क केक जब्त

दूसरा मामला अंतरराज्यीय परिवहन से जुड़ा है, जहां 24 अगस्त को भोपाल में अधिकारियों ने नटवर बस सेवा के जरिए नागपुर के जरीपटका स्थित 'मनन स्वीट्स' से लाए जा रहे संदिग्ध मावा और मिल्क केक को जब्त किया। लैब टेस्ट में मिल्क केक अमानक पाया गया। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने 25 अगस्त को नागपुर के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अमानक खाद्य सामग्री की सप्लाई करने वाले विक्रेताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

बाहरी राज्यों से आने वाली सप्लाई पर बढ़ा पहरा

इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार का शुद्धता अभियान अब केवल स्थानीय इकाइयों तक सीमित न रहकर अंतरराज्यीय सप्लाई चेन पर भी पैनी नजर रख रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने साफ किया है कि दूसरे राज्यों से आने वाले दुग्ध उत्पादों के सैंपल लगातार लिए जा रहे हैं और मिलावट पाए जाने पर किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।