August 21, 2026

जब लोगों ने अमिताभ से कहा- ‘आपको एक्टिंग आती ही नहीं’, बिग बी ने ऐसे बदला नजरिया

मुंबई।बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का आज दुनिया भर में सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके इस मुकाम तक पहुंचने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। सफलता की बुलंदियों को छूने से पहले उन्हें जिंदगी में कड़ा संघर्ष देखना पड़ा और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

शुरुआती करियर की चुनौतियां और रिजेक्शन

एक विशेष क्विज रियलिटी शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने अपने शुरुआती दिनों की पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें लगातार कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। उन्होंने भावुक होकर साझा किया कि शुरुआती दौर में लोग उन्हें ताने देते थे कि उन्हें एक्टिंग बिल्कुल नहीं आती है और वह बहुत लंबे हैं, इसलिए उन्हें अपने घर वापस चले जाना चाहिए। इस तरह के ताने किसी भी उभरते हुए कलाकार के लिए बेहद निराशाजनक हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

संघर्ष और अनिश्चितता से भरे दिन

अमिताभ बच्चन ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आखिरकार जब उन्हें काम मिलना शुरू हुआ, तब भी मुश्किलें कम नहीं हुई थीं। उन्होंने बताया कि एक बार सेट पर पहुंचने में उन्हें थोड़ी देर हो गई थी और उस समय उनके पास अपनी गाड़ी भी नहीं हुआ करती थी, इसलिए वह किसी और की गाड़ी से सेट पर पहुंचे थे। जैसे ही वह सेट पर पहुंचे, बाहर खड़े निर्देशक ने उन्हें तुरंत फिल्म से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था। यह वाकया उनके शुरुआती करियर के दिनों की गहरी अनिश्चितताओं और संघर्ष को साफ तौर पर बयां करता है।

सिनेमा से जुड़ाव और पांच दशकों का शानदार सफर

बता दें कि अमिताभ बच्चन पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से मनोरंजन उद्योग का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले सिनेमा से उनका पहला जुड़ाव एक वॉयस-ओवर आर्टिस्ट के रूप में हुआ था। वर्ष 1969 में उन्होंने मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' के लिए अपनी खास और दमदार आवाज दी थी। यह एक कम बजट की फिल्म थी जो आगे चलकर भारतीय समानांतर सिनेमा आंदोलन का एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई। इस भूमिका ने उनकी आवाज को एक विशिष्ट पहचान दी, हालांकि अभिनय की दुनिया में उन्हें अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए अभी और लंबा संघर्ष करना बाकी था। उनका यह प्रेरणादायक सफर यह सिखाता है कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए असीम धैर्य और दृढ़ संकल्प का होना बेहद जरूरी है।