August 18, 2026

ट्रांसजेंडर ID कार्ड पर केंद्र ने दी राहत, याचिकाओं पर फैसला आने तक रहेंगे वैध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को आश्वस्त किया है कि नवीन संशोधित कानून लागू होने से पूर्व जारी किए गए सभी ट्रांसजेंडर पहचान पत्र पूरी तरह वैध बने रहेंगे और उन पर नए प्रावधानों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि पुराने पहचान पत्रों की मान्यता पर उठ रहे सवाल निराधार हैं और ये दस्तावेज़ याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन प्रभावी रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं की अंतिम सुनवाई का तय किया समय

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार के इस बयान को आधिकारिक रिकॉर्ड पर लेते हुए विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। अदालत में दायर याचिकाओं में नए संशोधनों के लागू होने के कारण मेडिकल सुविधाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं में आ रही रुकावटों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि पूर्व में स्वयं घोषित पहचान के आधार पर मिले अधिकारों और सुविधाओं को छीना नहीं जाना चाहिए।

पुराने पहचान पत्रों और लंबित आवेदनों को लेकर उठाई गई मांग

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि जिन व्यक्तियों के पहचान पत्र निरस्त किए गए थे, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए तथा जिनके आवेदन प्रक्रिया में लंबित हैं, उन्हें भी अंतरिम सुरक्षा प्रदान की जाए। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि विधि में संशोधन के जरिए नागरिकों को पूर्व में प्राप्त अधिकारों को निरस्त नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत अब सरकार का औपचारिक उत्तर आने के पश्चात इन सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।