नई दिल्ली। भारत अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक उत्सव मनाने की पूर्ण तैयारियों में जुटा है। स्वतंत्रता दिवस के इस गरिमामयी अवसर पर राजधानी दिल्ली से लेकर देशभर में उमंग और राष्ट्रभक्ति की लहर देखी जा रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के मुख्य समारोह की कमान संभालेंगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे।
'वंदे मातरम' के 150 वर्ष और विकसित भारत 2047 की गूंज
इस वर्ष का राष्ट्रीय समारोह कई मायनों में अभूतपूर्व होने जा रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य विषय को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में युवा शक्ति के योगदान पर केंद्रित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के भव्य इतिहास में पहली बार ध्वजारोहण से ठीक पूर्व लाल किले पर सर्वजन द्वारा 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया जाएगा।
गार्ड ऑफ ऑनर, ध्वजारोहण और 21 तोपों की सलामी
लाल किले में आगमन पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ एवं रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा किया जाएगा। इसके पश्चात प्रधानमंत्री सशस्त्र बलों की परेड का निरीक्षण कर 'गार्ड ऑफ ऑनर' स्वीकार करेंगे।
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ध्वजारोहण: प्राचीर पर पहुंचकर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे।
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तोपों की सलामी: ध्वजारोहण के साथ ही 105-एमएम लाइट फील्ड गन की सेरेमोनियल बैटरी द्वारा 21 तोपों की भव्य सलामी दी जाएगी, जिसका नेतृत्व मेजर पवन सिंह शेखावत करेंगे।
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पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन: सूबेदार ईश्वर सिंह के निर्देशन में राष्ट्रगान व 'वंदे मातरम' की धुन बजाई जाएगी। इसी दौरान भारतीय वायुसेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर (विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय के नेतृत्व में) प्राचीर पर फूलों की वर्षा करेंगे।
5,000 से अधिक विशिष्ट मेहमानों की सहभागिता
समारोह को जन-भागीदारी का रूप देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं से लाभान्वित 5,000 से अधिक विशेष अतिथियों को लाल किले पर आमंत्रित किया गया है। इनमें निम्नलिखित वर्गों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल होंगे:
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महिला उद्यमी और युवा इनोवेटर्स
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स्टार्टअप संस्थापक एवं वैज्ञानिक
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किसान, कारीगर और कुशल श्रमिक
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स्वास्थ्यकर्मी (नर्सिंग स्टाफ) एवं स्वच्छता कर्मचारी
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कैब व ऑटो चालक तथा विद्यार्थी
आगंतुकों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं
समारोह में भाग लेने वाले नागरिकों और अतिथियों के सुगम आवागमन हेतु विशेष इंतजाम किए गए हैं:
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क्लॉक रूम सुविधा: परिसर के 6 प्रमुख स्थानों पर 25 अत्याधुनिक क्लॉक रूम बनाए गए हैं।
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मार्गदर्शन हेतु वालंटियर्स: दर्शकों को उनकी निर्धारित दीर्घाओं तक पहुंचाने के लिए सुरक्षाकर्मियों के साथ 200 प्रशिक्षित वालंटियर्स मुस्तैद रहेंगे।
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दिव्यांगजनों हेतु सहायता: वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर सहायता प्रदान करने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशनों तथा पार्किंग स्थलों पर एनसीसी (NCC) कैडेट्स और 'माय भारत' के स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है।

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