बलिया| उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह (55) के असामयिक निधन से उनके पैतृक गांव खनवर सहित पूरे क्षेत्र और उनके समर्थकों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार की सुबह से ही उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से समर्थकों का तांता लगा रहा। हजारों की संख्या में आम नागरिकों और राजनीतिक दिग्गजों ने खनवर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर दिवंगत नेता को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बलिया जिले के ही प्रसिद्ध ब्यासी गंगा घाट पर किया जाएगा।
खनवर आवास पर उमड़ा श्रद्धांजलि देने वालों का हुजूम
सुबह से ही खनवर स्थित विधायक के आवास पर अपने बेहद लोकप्रिय नेता के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी जनसमूह उमड़ पड़ा। 'उमाशंकर सिंह अमर रहें' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
इससे पहले, बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को जब लखनऊ से विधायक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां समर्थकों की इतनी भारी भीड़ जुट गई कि कस्बे और आसपास के सभी मुख्य चौराहे पूरी तरह जाम हो गए। 'जब तक सूरज चांद रहेगा, भैया तेरा नाम रहेगा' और 'उमाशंकर सिंह अमर रहें' के गगनभेदी नारों के बीच नम आंखों से लोगों ने अपनेप्रिय नेता के अंतिम दर्शन किए।
लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे बसपा विधायक
आपको बता दें कि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार की देर रात नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वे पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। नई दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर पहले विमान द्वारा लखनऊ लाया गया, जिसके बाद वहां से सैकड़ों वाहनों के विशाल काफिले के साथ उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव खनवर के लिए रवाना किया गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर परजीपार के निकट कासिमाबाद रोड पर अपने चहेते नेता की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ सड़क के दोनों तरफ कतार बांधकर खड़ी थी। लोगों के हाथों में श्रद्धासुमन और मालाएं थीं। परजीपार से लेकर सिधारघाट तक लोग कतारबद्ध खड़े होकर लगातार 'उमाशंकर सिंह अमर रहें' के नारे लगा रहे थे और कई समर्थकों की आंखें नम थीं। शाम करीब सात बजे यह काफिला रसड़ा पहुंचा, जहां स्थानीय समर्थकों ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर श्रद्धांजलि
यात्रा के दौरान नींबू सरदासपुर मुड़ेरा, चंद्रशेखर आजाद चौराहा और प्यारेलाल चौराहा सिंगही सहित विभिन्न प्रमुख चौराहों पर स्थानीय लोगों ने एकत्रित होकर अपने लोकप्रिय जननेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। रसड़ा नगर में भी सड़क के दोनों तरफ अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में समर्थक जुटे रहे। इसके बाद पार्थिव शरीर को विभिन्न मार्गों से होते हुए उनके पैतृक गांव खनवर लाया गया। उसी आवास पर, जहां वे बैठकर जनता की समस्याएं सुना करते थे, वहां रखी उनकी तस्वीर को देखकर लोग भावुक होकर उसे निहारते रहे। इस दौरान क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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