गांव के बेटे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, परीक्षा सुधार की कमान संभालेंगे अमृत लाल मीणा

जयपुर:देशभर में नीट परीक्षा और पेपर लीक के मामलों को लेकर मचे भारी बवाल के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुसार, देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और अत्याधुनिक बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी बदलावों पर काम करेगी।

नंदन नीलेकणी करेंगे नेतृत्व, छह सदस्यीय समिति में मिला खास स्थान

इस छह सदस्यीय विशेष टास्क फोर्स की कमान देश की नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। इस महत्वपूर्ण समिति में राजस्थान के प्रशासनिक जगत से जुड़े अनुभवी और पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा को भी शामिल किया गया है, जो इस टास्क फोर्स में लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट के तौर पर अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

करौली जिले के सपोटरा में खुशी की लहर

पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा मूल रूप से करौली जिले की सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के डाबरा गांव के रहने वाले हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस बड़ी और प्रतिष्ठित जिम्मेदारी के बाद उनके पैतृक क्षेत्र सहित पूरे करौली जिले में हर्ष और गर्व का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान के रूप में देख रहे हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी शुभकामनाएं

इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की जानकारी सामने आते ही क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है। स्थानीय विधायक हंसराज बालौती ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मनोनयन से सपोटरा क्षेत्र का मान पूरे देश में बढ़ा है और इससे यहां के युवाओं को ईमानदारी व निष्ठा के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटने की प्रेरणा मिलेगी।