ओडिशा-आंध्र से दिल्ली तक ड्रग्स सप्लाई का भंडाफोड़, 183 किलो गांजा जब्त

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने राज्यों के बीच चल रहे एक बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 183 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। तस्करों ने इस माल को छुपाने के लिए ट्रक कंटेनर के ड्राइवर केबिन के ऊपर एक खास गुप्त केबिन (खांचा) बना रखा था। पुलिस ने इस मामले में गैंग के मास्टरमाइंड सहित तीन लोगों को दबोचा है। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि 13 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक कंटेनर (यूपी 44 एटी 2502) मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तरफ भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर आ रहा है।

पुलिस टीम की मुस्तैदी और घेराबंदी

खबर पक्की होते ही उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने इसकी जानकारी एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर अजय दलाल को दी। इसके बाद एसीपी कालकाजी वीकेपीएस यादव के निर्देश पर एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम तैयार की गई। इस टीम में इंस्पेक्टर अजय दलाल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल कुमार, जितेंद्र रघुवंशी और कई सिपाही शामिल थे।

एलपीजी प्लांट के पास दबोचा गया ट्रक

पुलिस टीम ने कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के पास जाल बिछाया। 14 जून की रात करीब 1:50 बजे संदिग्ध कंटेनर को कालिंदी कुंज-मदनपुर खादर मार्ग पर स्थित इंडियन ऑयल एलपीजी प्लांट के पास रोक लिया गया। ट्रक चला रहे सुबोध कुमार मिश्रा और उसके हेल्पर बृज किशोर तिवारी को हिरासत में लिया गया। जब वाहन की बारीकी से जांच की गई, तो ड्राइवर केबिन के ऊपर बना वह गुप्त हिस्सा मिला, जिसे सिर्फ एक छिपे हुए चोर-दरवाजे (हैच) से ही खोला जा सकता था।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश से जुड़ा था नेटवर्क

इस गुप्त जगह से टेप में लिपटे हुए 38 पैकेट मिले, जिनमें गांजा भरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र को सौंप दी। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया कि वे ओडिशा और आंध्र प्रदेश के डीलरों से भारी मात्रा में गांजा मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या से पकड़ा गया गैंग का मास्टरमाइंड

कंटेनर से मिले सुरागों के बाद पुलिस को पता चला कि यह पूरी खेप गैंग के सरगना और ट्रक के मालिक श्रीराम के इशारे पर लाई जा रही थी। वही इस पूरे काले कारोबार की फंडिंग और ट्रांसपोर्टेशन संभाल रहा था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी श्रीराम को अयोध्या (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए मुख्य आरोपी पर पहले भी नशा तस्करी के तीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के बाकी मददगारों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।