राजस्थान को बड़ी सौगात, 2 नए रेल प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी

बीकानेर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों के विकास को गति देने और सामरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ₹2374 करोड़ के भारी-भरकम बजट से दो नई रेल लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 186 किलोमीटर लंबा नया रेल नेटवर्क बिछाया जाएगा। इस सौगात से अनूपगढ़ से बीकानेर के बीच सीधी रेल सेवा का वर्षों पुराना सपना धरातल पर उतरेगा। इस बड़ी योजना की रूपरेखा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने बीकानेर दौरे के दौरान रखी थी, जिस पर अब केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है।

इन रूटों पर दौड़ेगी ट्रेन, सीमावर्ती कस्बों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के तहत इस परियोजना को दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा:

  • पहला रूट: अनूपगढ़ से कानासर तक 131 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बनेगी।

  • दूसबर रूट: रोजड़ी से खाजूवाला के बीच 54 किलोमीटर का नया रेल ट्रैक तैयार होगा। इस नए रेल मार्ग के विकसित होने से सरहद के पास बसे अनूपगढ़, पतरोड़ा, घड़साना, रावला और खाजूवाला जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पहली बार सीधी रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।

किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते, व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

यह रेल नेटवर्क इस इलाके की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला साबित होगा। अनूपगढ़ और इसके आस-पास के बेल्ट में गेहूं, सरसों, कपास, ग्वार, मूंग और किन्नू का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। ट्रेन सुविधा मिलने से कृषि उपजों का परिवहन बेहद सस्ता और तेज हो जाएगा, जिससे किसानों को अपनी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे। इसके अलावा, रेल लाइन के निर्माण कार्य से स्थानीय युवाओं, इंजीनियरों, मशीन ऑपरेटरों और श्रमिकों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। इस सुगम कनेक्टिविटी से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

सामरिक दृष्टि से बेहद अहम; सेना और बीएसएफ की बढ़ेगी ताकत

भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब होने के कारण यह प्रोजेक्ट देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। वर्तमान में सीमावर्ती चौकियों तक सैन्य साजो-सामान और रसद पहुंचाने के लिए पूरी तरह सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। नई रेल लाइन बिछने के बाद भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए जवानों, हथियारों और सैन्य उपकरणों को बेहद कम समय में सरहद तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। यह नया ट्रैक आपातकालीन स्थितियों में देश की त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया को कई गुना मजबूत करेगा।