भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी के बल्ले की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि उनके परिवार से एक और प्रतिभावान खिलाड़ी ने अपनी चमक बिखेरनी शुरू कर दी है। आईपीएल 2026 में दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले वैभव के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी अब अपने बड़े भाई के पदचिह्नों पर चल पड़े हैं। आशीर्वाद ने बिहार के समस्तीपुर में आयोजित एक स्थानीय क्रिकेट मुकाबले में अपनी शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए एक बेहतरीन शतकीय पारी खेली है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
आक्रामकता नहीं, धैर्य और क्लास का नजारा
ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से खेलते हुए आशीर्वाद ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। उनकी इस पारी की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
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शानदार आंकड़ा: आशीर्वाद ने महज 87 गेंदों का सामना करते हुए 103 रनों की शतकीय पारी खेली।
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सूझबूझ भरा खेल: जहाँ बड़े भाई वैभव क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाते हैं, वहीं आशीर्वाद ने इसके विपरीत बेहद संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी की।
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बाउंड्री की बरसात: 118.39 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए उन्होंने अपनी इस पारी में 20 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा। उनकी इस मैराथन पारी पर रोक गेंदबाज प्रशांत राज ने लगाई।
बड़े भाई वैभव ने सोशल मीडिया पर जताया गर्व
छोटे भाई के बल्ले से निकले इस पहले शतक को देखकर सीनियर भारतीय टीम में जगह बना चुके वैभव सूर्यवंशी बेहद खुश नजर आए। उन्होंने तुरंत अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टोरी साझा कर आशीर्वाद को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। इसके साथ ही वैभव के भाई उज्जवल ने भी इंटरनेट पर मैच के स्कोरकार्ड और कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि यह आशीर्वाद के करियर का पहला और बेहद खास शतक है।
वैभव रच सकते हैं इतिहास, सचिन का टूटेगा रिकॉर्ड
ताजपुर: गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी को उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम मिला है और वे पहली बार सीनियर भारतीय मुख्य टीम में शामिल किए गए हैं। उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाले दो मैचों और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में चुना गया है। मात्र 15 वर्ष की आयु में यदि वैभव को अंतिम एकादश (प्लेइंग-11) में खेलने का अवसर मिलता है, तो वे भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। इस मामले में वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ देंगे।
बता दें कि 6 जून को जब भारतीय टीम में वैभव के चयन की घोषणा हुई थी, तो समस्तीपुर जिले के उनके पैतृक गांव ताजपुर में दिवाली जैसा माहौल था। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने जमकर आतिशबाजी की थी और मिठाइयां बांटी थीं। फिलहाल, वैभव त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने के लिए भारत 'ए' टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं।

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