IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स का मास्टरस्ट्रोक, गांगुली-युवराज को बड़ी भूमिका

भारतीय क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार और देश को दो-दो विश्व कप जिताने वाले महानायक युवराज सिंह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में एक नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। आईपीएल की अंदरूनी हलचलों और पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवराज सिंह आगामी 2027 के सीजन से नई दिल्ली की फ्रेंचाइजी 'दिल्ली कैपिटल्स' के साथ मुख्य बल्लेबाजी कोच (बैटिंग कोच) के रूप में जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संन्यास लेने के बाद आईपीएल के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब युवराज सिंह आधिकारिक तौर पर किसी टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बनकर डगआउट में कोचिंग की कमान संभालेंगे। हालांकि, वे इससे पहले भी कई भारतीय युवा सितारों को व्यक्तिगत स्तर पर क्रिकेट के गुर सिखाते रहे हैं। मौजूदा समय में टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, आतिशी टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत जैसे बड़े नाम समय-समय पर युवराज सिंह की देखरेख में नेट प्रैक्टिस और बल्लेबाजी की तकनीक में सुधार करते आए हैं।

प्रबंधन में बड़ा फेरबदल: जेएसडब्ल्यू संभालेगा दिल्ली की कमान

क्रिकेट गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स के पुरुष टीम मैनेजमेंट में साल 2027-28 के आगामी सत्र के लिए व्यापक और बड़े बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। टीम के सह-मालिक 'जेएसडब्ल्यू ग्रुप' (JSW Group) इस समयावधि के दौरान फ्रेंचाइजी के पूरे क्रिकेट संचालन और बागडोर को अपने हाथों में लेने जा रहा है। इसी मालिकाना बदलाव के कारण मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में भारी फेरबदल की पटकथा लिखी गई है। वर्तमान में जीएमआर (GMR) समूह द्वारा नियुक्त किए गए क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव, मुख्य कोच हेमंग बदानी और पूर्व तेज गेंदबाज व मौजूदा गेंदबाजी कोच मुनाफ पटेल की जगह अब पूरी तरह से नए और अनुभवी थिंक-टैंक को टीम से जोड़ा जाएगा।

सौरव गांगुली बने डायरेक्टर, दादा की सलाह पर ही हुई युवराज की एंट्री

इस नए मास्टर प्लान के तहत पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली दिल्ली कैपिटल्स के 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' (क्रिकेट निदेशक) पद की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। बताया जा रहा है कि सौरव गांगुली की विशेष सिफारिश और व्यक्तिगत रुचि के बाद ही युवराज सिंह को बैटिंग कोच के रूप में टीम के साथ अनुबंधित किया जा रहा है। जगजाहिर है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में युवराज सिंह के शुरुआती दौर में कप्तान के रूप में गांगुली ने उनका भरपूर समर्थन किया था और दोनों दिग्गजों के बीच गुरु-शिष्य जैसे बेहद मजबूत और पुराने संबंध हैं। गांगुली इससे पहले भी जेएसडब्ल्यू की अन्य लीग टीमों जैसे प्रिटोरिया कैपिटल्स और दिल्ली कैपिटल्स की महिला क्रिकेट टीम के संचालन का काम देख चुके हैं। हालांकि, युवराज सिंह का यह अनुबंध केवल दिल्ली कैपिटल्स की पुरुष टीम तक ही सीमित रहेगा।

प्लेऑफ के सूखे को खत्म करने की बड़ी चुनौती

पिछले दो आईपीएल सीजन दिल्ली कैपिटल्स के लिए किसी बुरे सपने जैसे रहे हैं, जहां टीम प्लेऑफ (अंतिम चार) का टिकट हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। मैदान पर खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन, लचर कप्तानी और नीलामी के दौरान गलत खिलाड़ियों के चयन को लेकर लगातार मैनेजमेंट की आलोचना होती रही है। ऐसे में फ्रेंचाइजी के नए प्रमोटर्स नए सिरे से एक मजबूत और आक्रामक टीम खड़ी करना चाहते हैं, जिसके लिए युवराज सिंह का मार्गदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है।

ऋषभ पंत की घर वापसी पर भी चल रही है बड़ी प्लानिंग

आईपीएल के गलियारों में इस बात की भी भारी चर्चा है कि क्या दिल्ली कैपिटल्स अपने पुराने कप्तान और स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स से 'ट्रेडिंग विंडो' (खिलाड़ियों की अदला-बदली) के जरिए वापस नई दिल्ली की टीम में लाने का प्रयास करेगी। इस ऐतिहासिक डील को अमलीजामा पहनाने के लिए दिल्ली कैपिटल्स अपने मौजूदा स्क्वॉड से एक या दो रसूखदार खिलाड़ियों को रिलीज या स्वैप करने की रणनीति पर काम कर रही है।

शानदार रहा है युवराज सिंह का आईपीएल का सफर

एक खिलाड़ी के रूप में युवराज सिंह का आईपीएल करियर बेहद शानदार और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर में कुल 132 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने पंजाब, पुणे, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस जैसी धाकड़ टीमों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपना आखिरी आईपीएल मैच साल 2019 में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेला था, जिसके बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। युवराज सिंह साल 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 के वनडे विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के सबसे बड़े नायक थे, जहाँ 2011 में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' (मैन ऑफ द सीरीज) के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था।