बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां अपनी हरकतों से बाज न आने वाले आदतन अपराधियों ने खाकी के खौफ को पूरी तरह हवा में उड़ा दिया। दरअसल, आपराधिक मामलों में हाल ही में जमानत पर छूटे नौ आरोपियों ने जेल से बाहर आते ही अपनी दबंगई और दहशत का प्रदर्शन करने के लिए चमचमाती कारों का एक बड़ा काफिला निकाला। इतना ही नहीं, इन बदमाशों ने चलती गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर लटककर बीच सड़क पर जानलेवा स्टंटबाजी की और सरेराह हुड़दंग मचाया। अपराधियों ने इस पूरे तमाशे का वीडियो बनवाकर उसे सोशल मीडिया पर शान से वायरल भी कर दिया। जैसे ही यह वीडियो पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा, प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और त्वरित छापेमारी कर सभी नौ हुड़दंगियों को दबोचकर दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यह पूरा मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
फूल-मालाओं से स्वागत और पटाखे फोड़कर फैलाई इलाके में दहशत
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैले इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कानून की धज्जियां उड़ा रहे ये शातिर बदमाश किस कदर कारों के दरवाजों और खिड़कियों पर बैठकर सड़क पर तांडव मचा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ये सभी आरोपी पांच जून की रात को ही केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। जेल की चहारदीवारी से बाहर आते ही रात करीब दस बजे इन लोगों ने कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार मार्ग पर दर्जनों कारों और बाइकों के साथ एक बड़ी रैली निकाली। इस दौरान उनके स्वागत में खड़े समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं, आतिशबाजी की और पटाखे फोड़े। इस जश्न और हुड़दंग के बीच इन बदमाशों ने वहां से गुजरने वाले राहगीरों और मोहल्ले के आम नागरिकों के साथ बेहद बदसलूकी और गाली-गलौज भी की, जिसका मुख्य मकसद पूरे इलाके में अपनी दहशतगर्दी को कायम करना था।
पुलिस की त्वरित रेड और नौ के नौ आरोपी दोबारा पहुंचे जेल
सड़क पर चल रहे इस अराजक ड्रामे की भनक और वीडियो जैसे ही भाटापारा पुलिस को मिला, टीम ने बिना वक्त गंवाए अपराधियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने कानून को चुनौती देने वाले सभी नौ युवकों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आदित्य साहू (22 वर्ष), सागर धीवर (27 वर्ष), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21 वर्ष), वसीम अली (20 वर्ष), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25 वर्ष), सागर यादव (24 वर्ष), आशीष ध्रुव (21 वर्ष), हेमंत भाट (20 वर्ष) और ओम ध्रुव (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत नए सिरे से मुकदमा दर्ज किया और सोमवार को कोर्ट में पेश कर सभी को दोबारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
एसपी की दो टूक चेतावनी और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी शर्मा ने अपराधियों और उनके संरक्षकों को कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। एसपी ने दो टूक कहा कि माननीय न्यायालय द्वारा दी गई जमानत का मतलब यह कतई नहीं है कि किसी को भी शहर में गुंडागर्दी या हुड़दंग करने की खुली छूट मिल गई हो। बीच सड़क पर इस तरह हुड़दंग मचाना कोई बहादुरी या उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दोबारा जेल की सजा को खुला न्योता देने जैसा है। उन्होंने साफ किया कि जिले में कानून का राज कायम रहेगा और सोशल मीडिया पर हथियारों या काफिलों के जरिए दबंगई दिखाने और आम जनता के मन में खौफ पैदा करने वालों के खिलाफ पुलिस 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत बिना किसी नरमी के सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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