टाइगर रिजर्व क्षेत्र में दर्दनाक हादसा, हाथी के हमले में दो मजदूरों की जान गई

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में स्थित गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां जंगल के रास्ते में एक जंगली हाथी ने अचानक धावा बोलते हुए दो बेगुनाह युवकों को मौत के घाट उतार दिया। यह खौफनाक हादसा देवसील गांव की आगे बस्ती के पास उस समय घटित हुआ, जब वहां देर रात सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था और कुछ श्रमिक वहां खड़ी जेसीबी मशीन के पास मौजूद थे। रविवार की देर रात हुए इस हिंसक हमले में 22 वर्षीय युवक गौरव की मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई, जबकि गंभीर रूप से लहूलुहान हुए 35 वर्षीय अमर सिंह ने सोनहत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस दोहरी मौत के बाद से समूचे ग्रामीण इलाके और वन्य क्षेत्र के आसपास भारी दहशत और मातम का माहौल पसरा हुआ है।

खाना खाकर आराम कर रहे थे मजदूर और अचानक आ धमका दंतैल

दिल दहला देने वाली इस घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, देवसील मार्ग पर सड़क बनाने का काम चल रहा था। दिनभर की भारी थकावट के बाद रात के समय सभी श्रमिक वहीं मखमली घने जंगल के किनारे आग जलाकर खाना पकाने में जुटे थे। भोजन करने के बाद जब सभी मजदूर सुस्ताने और आराम करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक पेड़ों को चीरता हुआ एक विशालकाय जंगली हाथी वहां आ धमका। इससे पहले कि श्रमिकों को संभलने या अपनी जान बचाकर भागने का जरा सा भी मौका मिलता, उग्र हाथी ने सीधे उन पर हमला बोल दिया और दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया।

टाइगर रिजर्व की टीम ने संभाला मोर्चा और शवों को भेजा गया अस्पताल

हाथी के इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले की गूंज जैसे ही आसपास के इलाकों में फैली, पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई। अन्य मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत इस विनाशकारी घटना की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के मुस्तैद सुरक्षाकर्मी और अधिकारी दलबल के साथ टॉर्च और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों को लेकर फौरन मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से हाथी को खदेड़ने का प्रयास किया और दोनों हताहत हुए युवकों को वहां से निकाला, जिसमें से एक की सांसें पहले ही थम चुकी थीं और दूसरे ने अस्पताल के दरवाजे पर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

ग्रामीण इलाकों में हाई अलर्ट जारी और गश्त तेज करने के निर्देश

इस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश और अपनी सुरक्षा को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने देवसील सहित आसपास की तमाम बस्तियों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे रात के समय जंगलों की तरफ न जाएं और झुंड में ही रहें। वन अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में गश्ती दल (पेट्रोलिंग टीम) की संख्या बढ़ा दी है ताकि हाथी की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सके और भविष्य में इस तरह के किसी भी अन्य जानलेवा टकराव को होने से रोका जा सके।