गांधीनगर। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के लिए एक बेहद जरूरी और तत्काल नाउकास्ट (Nowcast) अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज रात 10 बजे से लेकर मध्यरात्रि 1 बजे तक के अगले 3 घंटे राज्य के कई हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं। इस समयावधि में सूबे के कई जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदलेगा, जिसके तहत मूसलाधार बारिश, मेघगर्जन और चक्रवाती गति से धूलभरी आंधियां चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने इस दौरान आम जनता को अकारण घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की है।
इन 5 जिलों में आसमानी आफत की आशंका, 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, साबरकांठा, अरावली, महीसागर, पंचमहल और दाहोद जिलों में प्रकृति का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यहां चलने वाली तूफानी हवाएं हैं, जिनकी रफ्तार 62 से लेकर 87 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी भीषण गति से चलने वाली हवाएं कमजोर निर्माणों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
उत्तर और मध्य गुजरात में भी मेघ गर्जना, मध्यम दर्जे की होगी बरसात
आसपास के अन्य हिस्सों की बात करें तो उत्तर और मध्य गुजरात के विस्तृत इलाकों में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मानसून पूर्व की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। बनासकांठा, मेहसाणा, गांधीनगर, खेड़ा, वडोदरा और छोटा उदयपुर जिलों के लिए मध्यम दर्जे की वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन जिलों में आंधी-तूफान की गति थोड़ी कम यानी लगभग 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की उम्मीद है, फिर भी यह रफ्तार सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने और मौसम को अचानक पलटने के लिए काफी है।
अहमदाबाद समेत कई अंचलों में फुहारें, अन्नदाताओं के लिए विशेष एडवाइजरी
इन सबके बीच पाटन, अहमदाबाद, आनंद, भरूच और नर्मदा जैसे जिलों के निवासियों को भीषण तपन और उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ सकती हैं, जिससे हवा में ठंडक घुलेगी। हालांकि, यहां भी एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने प्रदेश के किसानों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और खुले में रखे पशुओं के चारे को तुरंत तिरपाल आदि से ढककर सुरक्षित कर लें, क्योंकि आने वाले कुछ दिनों तक गरज-चमक का यह दौर रुक-रुक कर जारी रह सकता है।

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