September 12, 2026

छत्तीसगढ़ में पदोन्नति आरक्षण की राह आसान: ST-SC वर्ग के लिए बनेगा ‘क्वांटिफिएबल डेटा’

रायपुर|राज्य में सरकारी सेवाओं में पदोन्नति (प्रमोशन) के दौरान आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी कदम उठाया गया है। इसके अंतर्गत अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के लिए अब ‘क्वांटिफिएबल डेटा’ (मात्रात्मक आंकड़े) संकलित किए जाएंगे।

उच्च स्तरीय समिति का गठन राज्य शासन ने इस प्रक्रिया के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की घोषणा की है, जिससे लंबे समय से रुके हुए पदोन्नति आरक्षण विवाद के सुलझने की प्रबल संभावना है। यह निर्णय विभिन्न जनहित याचिकाओं और सेवा संबंधी प्रकरणों में न्यायालय द्वारा पारित अंतिम आदेशों के क्रियान्वयन के तहत लिया गया है।

इस समिति की कमान अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ को सौंपी गई है। समिति में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों को स्थान दिया गया है, जिनमें प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा और रजत कुमार मुख्य रूप से शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस बाबत आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस निर्णय से आशा है कि वर्षों से लंबित प्रमोशन संबंधी गतिरोध दूर होगा।

किन्हें प्राप्त होगा लाभ? वस्तुतः, ST-SC वर्ग के शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए 'क्वांटिफिएबल डेटा' तैयार करने की योजना है। इन 'मात्रात्मक आंकड़ों' की उपलब्धता से कानूनी अड़चनों को पार करने और विवादों का समाधान निकालने में सहायता मिलेगी। उच्च स्तरीय समिति का गठन इसी डेटा पारदर्शिता और सटीकता के लिए किया गया है।