नई दिल्ली। तकनीक के विकास के साथ परिवहन के नए विकल्प सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक है फ्लाइंग टैक्सी, जिसे भविष्य के शहरी परिवहन का अहम साधन माना जा रहा है। हाल ही में चीन में 10 यात्रियों को ले जाने में सक्षम एक इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी का परीक्षण किया है। वी5000 मॉडल की यह टैक्सी 5 टन माल की ढुलाई कर सकती है। यात्री वाली टैक्सी को स्काई ड्रैगन और माल ढुलाई वाली को मैट्रिक्स नाम दिया गया है। यह वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग मोड में हेलिकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ान भरती है। इसके लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती। इन्हें इमारतों की छतों या छोटे हेलिपैड से भी उड़ाया जा सकता है। हाइब्रिड मॉडल 1500 किमी की दूरी तय करने में सक्षम है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के कई देश इस तकनीक पर काम कर रहे है। चीन, अमेरिका और यूरोप में इस दिशा में शोध और परीक्षण जारी है, जबकि भारत में भी शुरुआती स्तर पर काम शुरु हो रहा है। भारत में जल्द ही पहली स्वदेशी एयर टैक्सी सेवा शुरू होने की संभावना है।
आईआईटी मद्रास के सहयोग से एक कंपनी ने एक ई-विटोल विमान विकसित किया है, जिसे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रदर्शित किया गया था। 2027 में पहली एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में फ्लाइंग टैक्सी शहरी परिवहन की तस्वीर बदल सकती है।
भारत के महानगरों को ट्रैफिक जाम से छुट्टी देने के लिए 2026-2028 तक दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू होने की उम्मीद है। ये टैक्सी गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट का सफर मिनट में तय करेंगी। 200 मील प्रति घंटे की स्पीड वाली ये टैक्सी 10 यात्रियों को सेवा दे सकेगी और ट्रैफिक जाम से बचाएगी।

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