February 26, 2026

2027 पर नजर: ब्राह्मणों को साधने में जुटी बसपा, सोशल इंजीनियरिंग का नया दांव

लखनऊ|बसपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अमली जामा पहनाने के साथ जालौन की माधौगढ़ सीट से आशीष पांडेय को प्रत्याशी घोषित कर बड़ा सियासी संदेश दिया है। प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मणों की नाराजगी और यूजीसी के नए नियमों के मुद्दे पर स्पष्ट राय देने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा पहला टिकट ब्राह्मण प्रत्याशी को देने से साफ हो गया है कि पार्टी विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के मकसद से काम कर रही है।सूत्रों की मानें तो बसपा इस बार चुनाव में 80 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। वहीं, जून तक करीब 50 टिकट फाइनल कर दिए जाएंगे ताकि प्रत्याशी अपने क्षेत्र में प्रचार शुरू कर दें। खासकर बीते विधानसभा चुनाव में बसपा जिन सीटों पर बेहद कम अंतर से हारी थी वहां पर प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा जल्दी की जाएगी।दरअसल, वर्ष 2012 के बाद हुए विधानसभा चुनावों में बसपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। वर्तमान में यूपी में पार्टी का सिर्फ एक विधायक है। लोकसभा चुनाव में भी बसपा को खासा नुकसान हुआ था जिसके बाद पार्टी का भरोसा मुस्लिम मतदाताओं से डिगा था। अब पार्टी वर्ष 2007 के अपने सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर दोबारा फोकस कर रही है जिसमें ब्राह्मण प्रत्याशियों को खासा प्रतिनिधित्व देने के साथ मंत्री भी बनाया गया था।जून से तेज होगा प्रचार मायावती के निर्देश पर केंद्रीय संयोजक आकाश आनंद अप्रैल के अंत से अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर सकते हैं। जिन सीटों पर पहले प्रत्याशियों के नाम घोषित हो जाएंगे वहां आकाश रोड शो और जनसभाएं करेंगे। वहीं, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने के बाद पार्टी के तमाम पदाधिकारी यूपी आकर आकाश की मदद करेंगे। खासकर आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ, जयप्रकाश, रामजी गौतम व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद यूपी का रुख करेंगे। इससे पहले आकाश भी चुनावी राज्यों का दौरा करेंगे। इससे पहले आकाश 15 मार्च को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर राजस्थान के भरतपुर में रैली करेंगे।