Ranchi Municipal Election के दौरान राजधानी रांची में मतदाताओं को भारी अव्यवस्था और भ्रम का सामना करना पड़ा। इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत पर देखने को मिला। वर्ष 2018 में जहां 49.30 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह घटकर 43.35 प्रतिशत पर सिमट गया। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले 5.95 प्रतिशत कम वोटिंग दर्ज की गई।
रांची नगर निगम क्षेत्र में मतदाता सूची और मतदान केंद्रों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। एक ही परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथ निर्धारित होने से कई लोग दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। सूची में नाम ढूंढने में देरी के कारण लंबी कतारें लगीं। तेज धूप में खड़े बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बिना मतदान किए वापस लौट गए।
हिंदपीढ़ी क्षेत्र, वार्ड 53 और डीपीएस स्कूल स्थित बूथ पर हंगामे और विवाद की भी सूचना मिली।
मतदान की रफ्तार रही सुस्त
रांची नगर निगम में मतदान की गति पूरे दिन धीमी रही—
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सुबह 9 बजे तक: 7.28%
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11 बजे तक: 11.74%
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दोपहर 1 बजे तक: 24.90%
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3 बजे तक: 34.16%
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शाम 5 बजे तक: 43.35%
आंकड़े बताते हैं कि मतदाताओं का उत्साह अपेक्षाकृत कम रहा।
बुंडू में दिखा उत्साह
इसके विपरीत बुंडू नगर पंचायत में मतदाताओं ने उत्साह दिखाया।
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सुबह 9 बजे: 11.74%
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11 बजे: 25.16%
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1 बजे: 39.77%
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3 बजे: 55.12%
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शाम 5 बजे: 74.10%
वर्ष 2018 में यहां 72% मतदान हुआ था, जो इस बार बढ़कर 74.10% पहुंच गया। यानी 2.10% की वृद्धि दर्ज की गई।
पुरुष आगे, थर्ड जेंडर की भागीदारी शून्य
कुल मतदान में 50.68% पुरुषों और 49.32% महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि, इस चुनाव में किसी भी थर्ड जेंडर मतदाता द्वारा वोट नहीं डाले जाने की जानकारी सामने आई है।
सेंट फ्रांसिस स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर दिव्यांग मतदाताओं ने कठिनाइयों के बावजूद मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
Key Highlights
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रांची में 2018 के मुकाबले 5.95% कम मतदान
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कुल मतदान 43.35%
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बुंडू में 74.10% मतदान, 2.10% की बढ़ोतरी
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मतदाता सूची और केंद्र बदलाव से अव्यवस्था
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कई बूथों पर हंगामा और शिकायतें

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