रांची: राज्य में बढ़ते Jharkhand Road Accidents को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह योजना बनाई गई है, ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। परिवहन सचिव ने यह प्लान सभी जिलों के डीसी और एसपी को भेज दिया है।
झारखंड पुलिस के सड़क सुरक्षा से जुड़े डीआईजी धनंजय कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यह योजना सुप्रीम कोर्ट में डॉ. एस. राजशेखर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले के आदेश को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
हेलमेट नियम और हाईवे एंट्री पर सख्ती
एक्शन प्लान के तहत मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 128, 129 और 194D को कड़ाई से लागू किया जाएगा। दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट सवारों की पहचान के लिए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
साथ ही, एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर सख्त रोक लागू की जाएगी।
फिटनेस और अवैध लाइट पर निगरानी
गाड़ियों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और सख्त बनाया जाएगा। फिटनेस सर्टिफिकेशन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा सफेद LED, चमकती लाइट, नीली बत्ती और अवैध हूटर पर सख्त कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जब्ती और जुर्माना लगाया जाएगा।

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