रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ से कृषि क्षेत्र के संबंध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने राज्य के कृषि विकास और किसानों की बेहतरी के लिए 182 करोड़ रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। नई दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए इस राशि के आधिकारिक आवंटन की घोषणा की गई है।
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में कृषि नीतियों पर व्यापक मंथन
राजधानी नई दिल्ली में संपन्न हुए इस राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में देश भर के विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस उच्च-स्तरीय बैठक में आगामी रबी फसल के सत्र की तैयारियों को लेकर विस्तृत मंत्रणा की गई। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी कृषि योजनाओं के जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी गहन चर्चा की गई। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन में वृद्धि करना और किसानों की आय को दोगुना करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त करना था।
दलहन और तिलहन की खेती का दायरा बढ़ाने पर विशेष बल
बैठक के दौरान देश में दलहन और तिलहन फसलों की खेती का रकबा (क्षेत्रफल) बढ़ाने पर विशेष रूप से जोर दिया गया। देश को खाद्य तेलों और दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में भी दलहन और तिलहन के उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। प्राप्त वित्तीय सहायता राशि का उपयोग प्रदेश में दलहन-तिलहन के उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करने तथा किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और आधुनिक तकनीक सुलभ कराने के लिए किया जाएगा।
रबी सीजन की तैयारियों को मिलेगी तीव्र गति
चूँकि रबी का कृषि सीजन अब बेहद नजदीक आ चुका है, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त यह राशि छत्तीसगढ़ के कृषि परिदृश्य के लिए बेहद अहम साबित होगी। इस बजट के माध्यम से रबी फसलों की समय पर तैयारी, उर्वरकों एवं उन्नत बीजों की निर्बाध उपलब्धता तथा सिंचाई साधनों को और अधिक उन्नत बनाने में बहुत सहायता मिलेगी। राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस सौगात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से मिला यह सहयोगात्मक अनुदान छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।
दो प्रमुख अभियानों को मिलेगी मजबूती
केंद्र सरकार से प्राप्त इस विशेष वित्तीय राशि का उपयोग छत्तीसगढ़ में दो महत्वपूर्ण अभियानों को और अधिक सुदृढ़ करने में किया जाएगा। इन दोनों अभियानों के अंतर्गत ‘विकसित संकल्प अभियान’ और ‘खेत बचाओ अभियान’ को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि तंत्र को नई गति मिलेगी।

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