वाराणसी में योगी आदित्यनाथ का संबोधन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर रखे विचार

वाराणसी: केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। चौकाघाट स्थित गिरिजादेवी सांस्कृतिक संकुल सभागार में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक दौर था जब काशी सिर्फ अपनी तंग और संकरी गलियों के लिए पहचानी जाती थी, लेकिन आज इसे वैश्विक स्तर पर एक नई और भव्य पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पहले जब लोग यहाँ आने से कतराते थे, तो उनके मन में गुंडागर्दी, अराजकता और अव्यवस्था का डर रहता था। यहाँ तक कि प्रदेश के निवासियों को बाहर अपमानित होना पड़ता था, मगर आज उत्तर प्रदेश और काशी का नाम लेते ही लोग सम्मान से गले लगा लेते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनकल्याण शिविर में शिरकत कर रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों (स्ट्रीट वेंडर्स) और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, चेक एवं टूलकिट वितरित किए। वैश्विक हालातों पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि आज पूरी दुनिया ऊर्जा और आर्थिक संकट से जूझ रही है। अमेरिका जैसी महाशक्ति में महंगाई चार गुना तक बढ़ गई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण भारत इस संकट काल में भी अपने नागरिकों के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ा है।

काशी के सांसद पर हर देशवासी को गर्व, दीर्घायु होने की कामना

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष पहले देश को एक नया और सशक्त नेतृत्व देने के लिए बनारस की जनता ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रतिनिधि चुना था, जिस पर आज हर काशीवासी गौरवान्वित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी महान बनता है जब उसका नेतृत्व किसी महान और विजनरी व्यक्तित्व के हाथों में हो।

सीएम ने बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना की, ताकि वे देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के संकल्प को सिद्ध कर सकें। उन्होंने कहा कि आज जब पूरा देश इस ऐतिहासिक कार्यकाल का जश्न मना रहा है, तो वैश्विक मंचों पर राष्ट्राध्यक्षों द्वारा भारत की प्रगति के साथ-साथ काशी की जनता की भी सराहना की जा रही है।

यातायात में ऐतिहासिक सुधार, रोपवे बदलेगा काशी का जीवन

वाराणसी की यातायात व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जाम की समस्या से जूझने वाली काशी के बुनियादी ढांचे में अब चमत्कारी बदलाव आया है। अब यहाँ सालाना 15 से 20 लाख श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर रहे हैं।

  • आधुनिक ट्रेनें: वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी विश्वस्तरीय ट्रेनें अब देश के भीतर ही बन रही हैं।

  • एयरपोर्ट जैसे स्टेशन: रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हवाई अड्डों की तर्ज पर किया जा रहा है, जो 2014 से पहले सिर्फ एक कल्पना थी।

  • गंगा घाटों का सौंदर्य: काशी के घाटों का सौंदर्यीकरण इस कदर हुआ है कि विदेशी पर्यटक भी इसकी भव्यता को निहारते रह जाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आगामी रोपवे परियोजना एक ऐसा आधुनिक मॉडल है, जो शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों के जीवन और सफर को पूरी तरह बदलकर रख देगा।

डीबीटी (DBT) से सीधे खातों में पहुंच रहा शत-प्रतिशत पैसा

पिछली सरकारों पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश ने वह दौर भी देखा है जब खुद एक प्रधानमंत्री बेबसी जताते हुए कहते थे कि 'मैं केंद्र से 100 रुपये भेजता हूँ, तो जमीन पर गरीब तक सिर्फ 15 रुपये ही पहुँच पाते हैं।' लेकिन आज मोदी सरकार के राज में बिचौलियों का राज खत्म हो चुका है और लाभार्थियों के हक का पूरा पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो रहा है।

उन्होंने सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत 12 करोड़ से अधिक गरीबों के घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए 4 करोड़ बेघर परिवारों को पक्का मकान मिला। इसके अलावा आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज और कोरोना काल से लेकर अब तक 80 करोड़ जरूरतमंदों को 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना' के तहत निशुल्क राशन दिया जा रहा है।

2014 से पहले का दौर: भ्रष्टाचार, हताशा और असुरक्षा का माहौल

साल 2014 से पहले के भारत की स्थिति का स्मरण कराते हुए सीएम ने कहा कि तब देश चारों तरफ से घोटालों, अविश्वास और आंतरिक-बाहरी असुरक्षा से घिरा हुआ था। सरकारी नीतियों की खोट और गलत नीयत के कारण देश का युवा बेरोजगार और निराश था, तथा किसान आत्महत्या करने को विवश थे। देश के 600 में से 120 जिले नक्सलवाद के खूनी शिकंजे में थे और सीमाओं पर आए दिन घुसपैठ होती थी। सैनिकों के साथ होने वाली बर्बरता पर तत्कालीन सरकारें संसद में मौन साधे रहती थीं।

उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में यह परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। अब हर योजना देश की आधी आबादी (महिलाओं), युवाओं, किसानों और शिल्पकारों को समर्पित है। जब जन-धन खाते खोले जा रहे थे, तब विपक्ष इसका मज़ाक उड़ाता था, लेकिन आज उसी जन-धन और डीबीटी व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार कर विपक्षी दलों के दावों की हवा निकाल दी है।

सिलाई मशीन और लोन के चेक पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने प्रमिला देवी, राजू (आइसक्रीम विक्रेता) और दीपक कुमार बरनवाल (चाय विक्रेता) को पथ विक्रय प्रमाण पत्र सौंपे। इसके साथ ही पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेडीमेड कपड़े का काम करने वाली बेबी मौर्य को 50 हजार रुपये का चेक और कॉस्मेटिक व्यवसायी कन्हैया को 30 हजार रुपये का क्रेडिट कार्ड प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बुटीक चलाने वाली रोशनी कुमारी को 4.5 लाख रुपये तथा फास्ट फूड स्टॉल के लिए यशिका सिंह को 2.5 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत ललिता और खुशबू जायसवाल को आत्मनिर्भर बनने के लिए सिलाई मशीन व प्रमाण पत्र दिए गए।

इससे पहले प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर देश की समृद्धि और खुशहाली के लिए विधिवत दर्शन-पूजन और आरती की।