पेरिस: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विनाशकारी सैन्य संघर्ष अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस बेहद नाजुक मोड़ पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सोमवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचे। यहाँ वे रूस के आक्रामक हमलों के खिलाफ यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक मदद दे रहे करीब दो दर्जन से अधिक यूरोपीय देशों के शीर्ष नेताओं के साथ एक आपातकालीन और रणनीतिक बैठक करेंगे।
इसी वैश्विक हलचल के बीच, यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों की भी बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में एक अलग से बेहद महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस बंद कमरे की बैठक में यूक्रेन की तात्कालिक सैन्य आवश्यकताओं, गोला-बारूद की आपूर्ति और रूसी आक्रामकता के कारण पूरे यूरोप महाद्वीप पर मंडरा रहे सुरक्षा खतरों पर गहन मंथन होने की उम्मीद है।
ड्रोन तकनीक में यूक्रेन की लंबी छलांग; पुतिन पर बातचीत के लिए दबाव बनाने की रणनीति
यूक्रेन और उसके सहयोगी यूरोपीय देश इस समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाना चाहते हैं ताकि मॉस्को को शांति समझौते की मेज पर लाया जा सके। हालांकि, वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सालभर के तमाम शांति प्रयासों और मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद, क्रेमलिन (रूस) ने युद्ध रोकने या किसी भी तरह के समझौते में अब तक कोई रुचि नहीं दिखाई है:
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यूक्रेन को मिली बढ़त: अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों और पश्चिमी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में यूक्रेन ने स्वदेशी ड्रोन तकनीक में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिसने उसे युद्ध के मैदान में एक नई बढ़त (अपर हैंड) दिलाई है।
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सप्लाई चेन पर चोट: यूक्रेन के इन आत्मघाती ड्रोन हमलों ने मोर्चे के पीछे स्थित रूस के मुख्य रसद, हथियार डिपो और आपूर्ति व्यवस्था (सप्लाई चेन) को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके परिणामस्वरूप, रूसी सेना की आगे बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और उसे हर इंच जमीन के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
क्रीमिया में सबसे बड़ा ईंधन संकट; क्रेमलिन के अजेय होने के दावे को लगा बड़ा झटका
यूक्रेनी सेना ने अपनी रणनीति बदलते हुए विशेष रूप से उन क्षेत्रों को निशाना बनाया है जो रूस के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यूक्रेनी मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुख्य फोकस क्रीमिया प्रायद्वीप को मिलने वाली सैन्य और रसद आपूर्ति लाइनों पर रहा है।
इन सटीक हमलों के कारण काला सागर (ब्लैक सी) स्थित इस पूरे क्षेत्र में रूस के कब्जे के बाद से अब तक का सबसे बड़ा ईंधन और ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। गौरतलब है कि साल 2014 में रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए क्रीमिया पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। यूक्रेन के इन दुस्साहसिक हमलों ने दुनिया के सामने क्रेमलिन के उस प्रोपेगैंडा और दावे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है कि रूस इस जंग को आसानी से जीत रहा है।
रूसी मिसाइलों के खिलाफ एयर डिफेंस सिस्टम की दरकार; ट्रंप के फैसले से कीव को बड़ी उम्मीद
पेरिस दौरे के दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुख्य प्राथमिकता यूरोपीय देशों के साथ मिलकर एक ऐसी मजबूत हवाई सुरक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस ग्रिड) विकसित करने की है, जो रूस की खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सके। यह प्रणाली यूक्रेन के बिजली ग्रिडों, थर्मल पावर प्लांटों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर रूस के विनाशकारी हवाई हमलों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
हाल ही में यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर रातभर हुए भीषण मिसाइल हमलों के बाद, सोमवार को जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भावुक अपील करते हुए लिखा:
"आज दुनिया का हर नागरिक और देश साफ देख रहा है कि यूक्रेन को अपने मासूम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए और अधिक आधुनिक हवाई सुरक्षा प्रणालियों (एयर डिफेंस सिस्टम) की कितनी सख्त जरूरत है।"
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले सप्ताह यूक्रेन को आधुनिक 'पैट्रियट हवाई सुरक्षा प्रणाली' बनाने का लाइसेंस देने की घोषणा को कीव के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और यूक्रेनी अधिकारियों ने आगाह किया है कि इस कागजी योजना को वास्तविक हथियारों और मिसाइलों में तब्दील होकर मोर्चे पर तैनात होने में अभी कई साल का लंबा वक्त लग सकता है।
रूस को कड़ा संदेश: 30 देशों का महामंच; फ्रांस रोकेगा रूसी हैकर्स की घुसपैठ
पेरिस में हो रही इस 'इच्छुक देशों के गठबंधन' (कोअलिशन ऑफ द विलींग) की महाबैठक में यूक्रेन का खुलकर समर्थन करने वाले 30 से अधिक लोकतांत्रिक देश शामिल हो रहे हैं, जिसमें से करीब 25 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख स्वयं टेबल पर मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में वैश्विक नेताओं की भौतिक मौजूदगी को रूस के लिए एक सीधी और कड़ी चेतावनी माना जा रहा है कि पश्चिमी देश यूक्रेन के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं।
इस बीच, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरट ने सोमवार को एक बड़ा कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि वे फ्रांस में तैनात रूस के राजदूत को तलब (समन) कर कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। फ्रांस सरकार रूसी हैकर्स और साइबर अपराधियों पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रही है। विदेश मंत्री ने खुलासा किया कि यह कार्रवाई रूस की ओर से फ्रांस सहित करीब 10 यूरोपीय देशों में चलाई जा रही जासूसी की एक बहुत बड़ी और खतरनाक साइबर मुहिम (साइबर जासूसी) के पकड़े जाने के बाद की जा रही है।
पड़ोसी देश मोल्दोवा तक पहुंची युद्ध की चिंगारी; यूक्रेन सरकार में बड़ा राजनीतिक फेरबदल
इस महायुद्ध की विनाशकारी चिंगारी अब यूक्रेन की सीमाओं को लांघकर उसके पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में लेने लगी है। ताजा घटनाक्रम में, यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र पर रूस द्वारा रातभर किए गए भीषण हमलों के दौरान एक आत्मघाती ड्रोन भटककर पड़ोसी देश मोल्दोवा की अंतरराष्ट्रीय सीमा के भीतर जा गिरा और वहां एक बड़ा विस्फोट हुआ।
मोल्दोवा के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे अपने संप्रभुता पर 'बेहद गंभीर, खतरनाक और अस्वीकार्य' हमला करार दिया है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की एक ऐसे समय में फ्रांस पहुंचे हैं, जब अमेरिकी सीनेट में यूक्रेन के सबसे मुखर और मजबूत पैरोकार रहे सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो चुका है, जिससे वाशिंगटन में यूक्रेन ने अपना एक बड़ा रणनीतिक मित्र खो दिया है। इसके साथ ही, यह पूरी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब खुद यूक्रेन की आंतरिक सरकार के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फेरबदल चल रहा है। इसी उथल-पुथल के बीच, यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको ने रविवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे कीव की आंतरिक राजनीति में भी सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
मॉस्को दहल उठा: यूक्रेन ने दागे 350 से अधिक ड्रोन; रूसी राजधानी के पास मचे भारी तबाही
यूक्रेन अब सिर्फ अपनी रक्षा नहीं कर रहा, बल्कि उसने रूस के भीतर काफी गहराई में स्थित सैन्य ठिकानों पर अपने स्वनिर्मित लंबी दूरी के ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों से विनाशकारी पलटवार करना शुरू कर दिया है। कई मोर्चों पर यूक्रेन के ड्रोनों की संख्या रूस के हमलों के बराबर या उससे भी अधिक देखी गई है:
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मॉस्को के मेयर का दावा: रूस की राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने मॉस्को की ओर बढ़ रहे यूक्रेन के एक विशालकाय ड्रोन बेड़े (लगभग 350 से अधिक ड्रोनों) को हवा में ही इंटरसेप्ट किया है। इनमें से 50 से अधिक खतरनाक ड्रोन राजधानी के मुख्य रिहायशी इलाकों के ठीक ऊपर मार गिराए गए।
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रूस में नागरिक हताहत: मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि केवल रातभर के भीतर ही उनके क्षेत्र में 81 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। हालांकि, इस हमले का एक दुखद पहलू यह रहा कि मॉस्को क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में स्थित इस्त्रा के पास पियोनेर्स्की नामक बस्ती में एक यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरने से भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से तीन आम रूसी नागरिकों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। इस हमले में पांच आलीशान निजी मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे अब रूस के आम नागरिकों के भीतर भी इस युद्ध को लेकर खौफ बढ़ता जा रहा है।

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