October 27, 2026

धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं 2 झाड़ू? मां लक्ष्मी से जुड़ी है मान्यता, मंदिर में दान करने की भी है परंपरा

धनतेरस आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. लोग सोना-चांदी, बर्तन और नए वाहन खरीदने की तैयारी करते हैं. इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है? इसकी कीमत भले ही कम हो, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसका खास महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल से कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों शुभ माना जाता है.

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लोग अपनी श्रद्धा और बजट के अनुसार सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और दूसरी चीजें खरीदते हैं. इसी दिन झाड़ू खरीदने की भी पुरानी परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, झाड़ू का संबंध घर की साफ-सफाई और सुख-समृद्धि से है. झाड़ू घर की गंदगी को दूर करती है. इसलिए इसे साफ-सुथरे और अच्छे वातावरण का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदते हैं.

झाड़ू का मां लक्ष्मी से क्या है संबंध?
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी का वास साफ-सुथरे घर में होता है. इसलिए घर को साफ रखना जरूरी माना गया है. वहीं, घर में गंदगी और अव्यवस्था रहने से नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है. इससे परिवार में अशांति और कलह का माहौल बन सकता है. इसी कारण त्योहारों के समय घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है. पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी की बड़ी बहन ज्येष्ठा को दरिद्रता और अशुभता से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि गंदगी वाली जगह पर ज्येष्ठा का प्रभाव रहता है. इससे घर में परेशानियां और आपसी विवाद बढ़ सकते हैं. इसी मान्यता के कारण झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है. हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं. इनका उद्देश्य घर में साफ-सफाई और सकारात्मक माहौल बनाए रखने का संदेश देना भी है.

धनतेरस पर दो झाड़ू खरीदने की क्या है मान्यता?
ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, धनतेरस पर संभव हो तो दो झाड़ू खरीद सकते हैं. इनमें से एक झाड़ू अपने घर के लिए रखनी चाहिए. दूसरी झाड़ू किसी मंदिर में दान करने की परंपरा बताई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिर में झाड़ू दान करना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और परिवार में समृद्धि आती है. कुछ लोग इस परंपरा का पालन बिना किसी दिखावे के करते हैं.