October 31, 2026

दिवाली की सफाई करते समय सबसे पहले साफ करें घर की ये 3 जगहें, मां लक्ष्मी के आगमन के खुलेंगे रास्ते!

6 नवंबर दिन शुक्रवार को धनतेरस और 8 नवंबर दिन रविवार को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा. ऐसे में घरों की साफ-सफाई का कार्य भी शुरू हो गया है. भारतीय घरों में दिवाली की सफाई की सूची लंबी होती है, धोने के लिए पर्दे, पोंछने के लिए पंखे, घर के कोनों की साफ सफाई. लेकिन वास्तु शास्त्र दिवाली के लिए घर की तीन खास जगह से साफ-सफाई की शुरुआत करने का सुझाव देता है. ये जगह ना तो किचन या बालकनी हैं और ना ही उन चीज से जो सबसे गंदी दिखती है. ये जगह वास्तु में बेहद खास मानी जाती हैं और दिवाली से पहले इन जगहों की साफ-सफाई होना बहुत जरूरी है. आइए वास्तु के माध्यम से जानते हैं दिवाली की साफ-सफाई में सबसे पहले किन तीन जगहों की सफाई जरूरी है…

सबसे पहले इस दिशा पर दें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिवाली की साफ सफाई की शुरुआत सबसे पहले उत्तर-पूर्व दिशा से करें. वास्तु में इस दिशा को ईशान कोण या ईशान दिशा के नाम से भी जाना जाता है. वास्तु घर को दिशाओं में विभाजित करता है, जिनमें से हर दिशा किसी ना किसी देवी-देवता और एक तत्व से जुड़ी हुई है. इन दिशाओं में उत्तर-पूर्व सबसे पवित्र मानी जाती है. इसके शासक देवता ईशान हैं, जो भगवान शिव का एक रूप हैं और इसका तत्व जल है.
सकारात्मक ऊर्जा का है प्रवेश द्वार
उत्तर-पूर्व दिशा को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है. सुबह की धूप सबसे पहले पूर्व से घरों तक पहुंचती है और उत्तर से स्थिर व ठंडी ऊर्जा आती है. ये दोनों जहां मिलते हैं, वास्तु उसे घर का सबसे शुद्ध क्षेत्र मानता है. यही कारण है कि पूजा कक्ष, ध्यान कक्ष और जल भंडारण वास्तु अनुसार इसी दिशा में होना चाहिए.

इस दिशा का ना रखें गंदा
जब उत्तर-पूर्व अस्त-व्यस्त, अंधेरा या गंदा होता है तो वास्तु का मानना है कि पूरे घर में अच्छी ऊर्जा का प्रवाह कम हो जाता है. परिवार के सदस्यों में बेचैनी हो सकती है, निर्णय में देरी होती है, और मन की शांति प्रभावित होती है. वहीं उत्तर-पूर्व दिशा साफ हो तो परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य सही रहता है और सभी अड़चन दूर रहती हैं. दिवाली से पहले जब घर में माता लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है तो यह कोना बाकी सब चीजों के लिए माहौल तैयार करता है.

दिवाली से पहले हटा दें ये चीजें
ध्यान रहे कि दिवाली के पर्व की शुरुआत से पहले इस जगह को पूरी तरह खाली कर दें. इस जगह पर कोई भी भारी, टूटी हुई या ना इस्तेमाल होने वाली चीज नहीं होनी चाहिए. पुराने अखबार, गत्ते के डिब्बे, शू-रैक, कूड़ादान भी यहां कभी नहीं रहने चाहिए. अगर इस कोने में कोई भारी अलमारी रखी है, तो उसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रख दें, जो भारी सामान के लिए सही जगह मानी जाती है.
घर के मेन गेट का रखें ध्यान
वास्तु अनुसार, घर का मुख्य द्वार सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है. उत्तर पूर्व का कोना साफ होने के बाद घर के मुख्य द्वार का सफाई करनी चाहिए. जिस प्रकार मानव शरीर में हृदय का स्थान है, उसी तरह घर में मुख्य द्वार की भूमिका होती है. दिवाली से पहले इस जगह की साफ-सफाई होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और फिर पूजन के समय माता लक्ष्मी का प्रवेश होता है.
कुबेर का माना जाता है यह स्थान
वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर दिशा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिशा के स्वामी धन के देवता कुबेर माने जाते हैं. मान्यता है कि उत्तर दिशा का संबंध धन, आर्थिक उन्नति और समृद्धि से होता है. ऐसे में दिवाली से पहले घर की उत्तर दिशा की अच्छी तरह सफाई जरूर करनी चाहिए. यहां रखे पुराने सामान, टूटे-फूटे बर्तन, कबाड़ और बेकार चीजों को हटा देना चाहिए. साथ ही इस दिशा में पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई बनाए रखें.
मां लक्ष्मी की रहती है कृपा
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिवाली से पहले उत्तर दिशा को साफ रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी तथा कुबेर की कृपा बनी रहती है. इस दिशा में तिजोरी, नकदी बॉक्स या महत्वपूर्ण दस्तावेजों को साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है.