रविंद्र भाटी किस मुद्दे पर भड़के? बयान से सियासी हलकों में हलचल

बाड़मेर:

राजस्थान के बाड़मेर में रीको थाना पुलिस द्वारा एक बोलेरो पिकअप का चालान काटना अब एक बड़ा सियासी विवाद बन चुका है। चालान की कॉपी और गाड़ी की तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं और राज्य सरकार के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया है।

गाड़ी के शीशे पर लिखे थे नाम, पुलिस ने थमाया चालान

पूरा मामला पिछले दिनों 14 जून का बताया जा रहा है, जब रीको थाना पुलिस ने शिव क्षेत्र के रहने वाले खुशाल (पुत्र चुतराराम) की बोलेरो पिकअप को रोककर उसका चालान काट दिया। दरअसल, इस वाहन के सामने वाले मुख्य शीशे (विंडशील्ड) पर धार्मिक आस्था से जुड़ा 'जय बाबा गरीबनाथ जी' और कुछ अन्य नाम लिखे हुए थे। पुलिस ने इस लिखावट को गाड़ी चलाते समय ड्राइवर के सामने का दृश्य बाधित करने वाला माना और मोटर वाहन अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) के नियमों के तहत चालान की कार्रवाई कर दी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, विधायक भाटी ने सरकार को घेरा

यह प्रशासनिक कार्रवाई उस समय चर्चा में आई जब पीड़ित ने सोशल मीडिया पर गाड़ी और चालान की रसीद साझा कर दी। इसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि राम राज्य में अपने इष्ट देवता का नाम लिखना भी क्या अब अपराध की श्रेणी में आता है? उन्होंने इस पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों को भी टैग किया। विधायक भाटी ने साफ कहा कि अगर ट्रैफिक नियम लागू करने हैं, तो वे सब पर समान रूप से लागू होने चाहिए और आम जनता की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

पुलिस की सफाई— धार्मिक नाम से आपत्ति नहीं, दृश्यता बाधित होना है वजह

विवाद बढ़ता देख रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश ने इस कार्रवाई को लेकर पुलिस का पक्ष सामने रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 जून को उपनिरीक्षक लूणदान द्वारा यह चालान काटा गया था। पुलिस का कहना है कि वाहन के मुख्य शीशे पर ऊपर और नीचे काले रंग की काफी चौड़ी पट्टियां चिपकाई गई थीं, जिन पर 'जय बाबा गरीबनाथ जी' के साथ-साथ 'सूरज', 'राहुल' और 'स्वरूप' जैसे कुल पांच नाम लिखे हुए थे। पुलिस के मुताबिक, इतनी बड़ी पट्टियों और नामों की वजह से चालक को सामने का रास्ता देखने में दिक्कत हो रही थी, जो यातायात नियमों के तहत सुरक्षा के लिहाज से गलत है। पुलिस ने साफ किया कि कार्रवाई धार्मिक नाम की वजह से नहीं, बल्कि शीशे पर दृश्यता के नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है।