ग्वालियर: मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून की झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन ग्वालियर-चंबल अंचल को अभी भी मानसून का इंतजार है। यहाँ के लोग पहली अच्छी बारिश की बेसब्री से राह देख रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्वालियर में 28 जून के बाद कभी भी मानसून दस्तक दे सकता है, जिसके बाद ही लोगों को इस तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
भीषण उमस और पसीने से लोग बेहाल
ग्वालियर अंचल में इन दिनों तापमान से ज्यादा लोग भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं। शुक्रवार को सुबह से ही हवा में नमी (आर्द्रता) बहुत ज्यादा होने के कारण लोग बेहाल दिखे। सुबह-सुबह खिली तेज धूप और उमस ने लोगों को जमकर पसीना छुड़ाया। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 5:30 बजे ही पारा 30°C दर्ज किया गया, जिससे यह साफ है कि अब लोगों को रात के समय भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
क्यों बढ़ रही है इतनी घुटन?
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अरब सागर से लगातार आ रही नमी और पश्चिमी दिशा से चल रही हवाओं के कारण हवा में आर्द्रता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यही वजह है कि तापमान बहुत ज्यादा न होने के बावजूद गर्मी और घुटन का अहसास कहीं अधिक हो रहा है। इस चिपचिपी गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर आने-जाने वाले कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन बादलों की आवाजाही, 28 के बाद बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस पांडेय के अनुसार, फिलहाल मानसून की रफ्तार सामान्य है। अगर मौसम की परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं, तो 28 जून के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून एंट्री कर लेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन झमाझम और व्यापक बारिश 28 जून के बाद ही शुरू होगी। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के सूती कपड़े पहनें।

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