September 26, 2026

दमोह में कस्टडी डेथ के बाद बवाल, गुस्साए ग्रामीणों ने किया पथराव; SDM-TI जख्मी

दमोह (मध्य प्रदेश)। दमोह जिले के हिंडोरिया गांव में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की संदिग्ध मृत्यु के पश्चात आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा पुलिस बल पर पथराव किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस उपद्रव के दौरान एक प्रशासनिक अधिकारी और एक थाना प्रभारी के घायल होने की सूचना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे सीएसपी (CSP) और महिला एसडीओपी (SDOP) द्वारा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत कराया गया।

पुलिस कस्टडी में मौत और पथराव की घटना

इस संपूर्ण घटना की पृष्ठभूमि यह है कि पुलिस कस्टडी के दौरान शिव सिंह नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। परिजनों का प्रत्यक्ष आरोप है कि पुलिस हिरासत में हुई बेरहमी से पिटाई के कारण ही शिव सिंह की जान गई है। जब मृतक का शव पैनल पोस्टमार्टम के उपरांत दोपहर करीब 3 बजे उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां पहले से ही दमोह, पथरिया, पटेरा तथा हिंडोरिया थानों का भारी पुलिस बल तैनात था। शव को देखते ही उत्तेजित ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पुलिस दल पर पथराव शुरू कर दिया।

घायल अधिकारी और प्रशासनिक हस्तक्षेप

ग्रामीणों द्वारा किए गए इस पथराव में दमोह के एसडीएम सौरभ गंधर्व तथा पथरिया थाने के टीआई महेंद्र जगेत को गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तुरंत बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सीय उपचार किया गया। बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी और दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। लगभग एक घंटे तक चले इस तनावपूर्ण संघर्ष के बाद ही मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।

जांच समिति का गठन और 8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच

शिव सिंह के परिजनों की प्रमुख मांग थी कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इस मांग को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कालादगी ने मामले की पारदर्शी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। इस जांच कमेटी की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया है।

प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 पुलिसकर्मियों—एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय पाठक, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र मिश्रा, दीपचंद्र चौधरी और शिवसदन—को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

विस्तृत जानकारी के अनुसार, बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने संयुक्त रूप से हिनौता गांव में एक जुए के अड्डे पर छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शिव सिंह लोधी को हिरासत में लिया था। परिजनों का यह गंभीर आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसके साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की। इसके पश्चात परिजनों को दूरभाष पर यह सूचना दी गई कि उसकी तबीयत बिगड़ने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें शिव सिंह का मृत शरीर मिला, जिसके बाद हिंडोरिया अस्पताल में भी भारी हंगामा मचा था।