चंडीगढ़ | पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का उपयोग किए जाने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस विषय पर स्वतः संज्ञान (सू-मोटो नोटिस) लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संगरूर को मामले की गहन जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद आयोग का एक्शन
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और एक वीडियो लिंक के जरिए यह पूरा मामला आयोग के संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो और संबंधित सूचनाओं के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने धूरी दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिससे एक विशेष वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं।
एसएसपी संगरूर से तय समय सीमा में मांगी गई जांच रिपोर्ट
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुसूचित जाति आयोग ने तुरंत कानूनी कदम उठाए हैं। आयोग के चेयरमैन ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एसएसपी मुख्यालय, संगरूर को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसके तहत पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आगामी 1 जून को सुबह 9:00 बजे तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट हर हाल में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने की समय सीमा तय की गई है।
कथित टिप्पणी को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज
केंद्रीय मंत्री से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दलित या अनुसूचित जाति के सम्मान और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजरें संगरूर पुलिस द्वारा 1 जून को पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आयोग इस मामले में आगे की दंडात्मक या वैधानिक कार्रवाई की रूपरेखा तय करेगा।

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