दौसा: राजस्थान के प्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के गले से सोने-चांदी की चेन काटने और जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देने वाली शातिर गिरोह की दो महिलाओं को स्थानीय पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़ी गई दोनों आरोपी महिलाएं पड़ोसी राज्य हरियाणा के भिवानी जिले के बलियाली गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके कब्जे से चोरी की गई तीन चेन और वारदातों में इस्तेमाल किए जाने वाले दो धारदार कटर भी बरामद कर लिए हैं, जिनकी पहचान किरण देवी और अंजली के रूप में की गई है।
मंदिर परिसर की भारी भीड़ का फायदा उठाकर देती थीं वारदातों को अंजाम
पुलिस अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी महिलाएं मंदिर परिसर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का अनुचित लाभ उठाया करती थीं। भीड़भाड़ के दौरान धक्का-मुक्की का माहौल बनाकर वे पलक झपकते ही श्रद्धालुओं के गले से चेन काटने और उनके जेब साफ करने जैसी वारदातों को अंजाम देती थीं। मंदिर आने वाले भक्तों से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी, जिसके आधार पर इन दोनों को दबोचा गया।
पुलिस तलाशी के दौरान मिली सफेद और पीले धातु की चेन तथा कटर
संदिग्ध अवस्था में पकड़े जाने के बाद जब पुलिस ने दोनों महिलाओं की गहन तलाशी ली, तो उनके पास से दो सफेद धातु की चेन, एक पीले रंग की धातु की चेन और दो विशेष कटर बरामद हुए, जिनका उपयोग वे चेन को आसानी से काटने के लिए करती थीं। बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस इस पहलू पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या इन महिलाओं ने केवल मेहंदीपुर बालाजी में ही हाथ साफ किया है या फिर राजस्थान के अन्य धार्मिक स्थलों और मेलों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका, पुलिस कर रही है सघन पूछताछ
गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि उनके अन्य संभावित साथियों और चोरी की पुरानी वारदातों के बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये महिलाएं हरियाणा से विशेष तौर पर राजस्थान आकर वारदातों को अंजाम देने वाले किसी बड़े अंतरराज्यीय चोर गिरोह का हिस्सा हैं। इस पूरी सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सहायक उपनिरीक्षक देवीसिंह, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, ओमेंद्र कुमार, देशराज, रवि कुमार और महिला कांस्टेबल नीतू शामिल रहीं, जिनकी मुस्तैदी से यह सफलता हासिल हुई है।

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