कोटा। शहर के नांता थाना इलाके में सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक 5 वर्षीय बालक और एक 7 वर्षीय बालिका शामिल है। दोनों ही घटनाएं खेतों में बने आवासों पर हुईं। एक मामले में सांप के डसने से बच्चे की जान चली गई, जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
रात में साधन नहीं मिलने से समय पर नहीं मिला इलाज, मासूम ने तोड़ा दम
पहला मामला नांता थाना क्षेत्र के बड़गांव चौकी के पास स्थित एक खेत का है। बारां जिले के देवरी निवासी 35 वर्षीय रामप्यारी बाई अपने परिवार के साथ खेत की रखवाली और मजदूरी के लिए वहीं बने मकान में रहती हैं। शुक्रवार देर रात सो रहे परिवार पर जहरीले सांप ने हमला कर दिया, जिससे रामप्यारी बाई और उनके 5 वर्षीय बेटे प्रशांत को सर्पदंश लगा। परिजनों के अनुसार, रात के समय आवागमन का कोई साधन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण वे तुरंत अस्पताल नहीं पहुंच सके। शनिवार सुबह दोनों को जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मासूम प्रशांत की मौत हो गई, जबकि गंभीर हालत में महिला का इलाज जारी है। घटना के बाद परिजनों ने सांप को मौके पर ही मार दिया था।
पेट दर्द की शिकायत के बाद बिगड़ी बालिका की तबीयत, उपचार के दौरान मौत
दूसरी दुखद घटना नांता नहर के पास स्थित एक खेत में सामने आई। बारां से मजदूरी करने आया एक परिवार यहां खेत में झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहा था। मृतका किंशु (7) के पिता राजेश ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे बच्ची जब जागी, तो उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। पानी पीने के बाद जब उसकी स्थिति बिगड़ने लगी, तो परिजन उसे तत्काल जेके लोन अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन जहर के असर के चलते बच्ची ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की आवश्यक कानूनी कार्रवाई
नांता थाना अधिकारी महावीर मीणा ने बताया कि दोनों मामलों में सर्पदंश से बच्चों की मृत्यु हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में दोनों शवों का विधिवत पोस्टमार्टम करवाया और अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं से पीड़ित परिवारों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।

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