चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में पिछले दस दिनों से जारी भारी हलचल और आंतरिक खींचतान के बीच शनिवार को कांग्रेस खेमे से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के राजनीतिक समीकरणों को साधने और आंतरिक गतिरोध को दूर करने के लिए आज प्रदेश कांग्रेस की एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय मंथन में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के दूत और राज्य के वरिष्ठ दिग्गज एक मंच पर आकर भावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं।
पंजाब कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी कलह को सुलझाने की बड़ी कवायद
पार्टी के शीर्ष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल विशेष रूप से इस बैठक की कमान संभाल रहे हैं। वह कुछ ही समय में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सूबे के तमाम आला नेताओं के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा पिछले कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में बने आंतरिक मतभेदों को पूरी तरह समाप्त कर संगठन में अनुशासन कायम करना है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और नए नेतृत्व ढांचे पर होगा मंथन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे वर्तमान नेतृत्व विवाद और आने वाले विधानसभा चुनावों की रूपरेखा के लिहाज से यह बैठक मील का पत्थर साबित हो सकती है। बैठक में न केवल संगठन की गुटबाजी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, बल्कि चुनावी रण में उतरने के लिए एक मजबूत और एकजुट ब्लूप्रिंट भी तैयार किया जाएगा। आलाकमान की कोशिश है कि चुनाव से ठीक पहले पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को पनपने न दिया जाए और सभी बड़े चेहरों को एक साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
चंडीगढ़ के सेक्टर चार में दिग्गज कांग्रेसी नेता के आवास पर सजी सियासी महफिल
इस महामंथन के लिए चंडीगढ़ के वीआईपी इलाके सेक्टर चार स्थित कांग्रेस के कद्दावर विधायक राणा गुरजीत सिंह के निजी आवास को चुना गया है, जहां बैठक के मद्देनजर सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शनिवार सुबह से ही इस आलीशान बंगले पर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं और उनके समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। प्रभारी भूपेश बघेल के आगमन को लेकर सियासी गलियारों में उत्सुकता चरम पर है और कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बंद कमरे की बैठक से पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ मिलेगा।
हाईकमान के कड़े संदेश के साथ गुटबाजी खत्म करने की आखिरी कोशिश
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व इस बार राज्य इकाई की अनुशासनहीनता को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है। प्रभारी के माध्यम से सभी गुटों को साफ संदेश दिया जाएगा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर पार्टी का हित सर्वोपरि है। बैठक के समापन के बाद यह स्पष्ट होने की पूरी संभावना है कि आने वाले समय में पंजाब कांग्रेस की कमान किस तरह आगे बढ़ेगी और टिकट वितरण से लेकर सांगठनिक फेरबदल तक में किन नेताओं की राय को तवज्जो दी जाएगी।

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