आरा। बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बिहिया नगर के धोबिया मोहल्ला में अचानक एक ईंट की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अधेड़ गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में कोहराम छा गया। मृत बच्चों की पहचान धोबिया मोहल्ला वार्ड संख्या-6 निवासी साजन कुमार रजक के तीन वर्षीय पुत्र शिवांश रजक उर्फ कल्लू तथा राहुल रजक के तीन वर्षीय पुत्र अंकित कुमार (3 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में अंकित कुमार के 46 वर्षीय दादा छोटा रजक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज परिजन अपने स्तर पर करा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दीवार गिरने के बाद दोनों बच्चों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान एक बच्चे ने आरा सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे बच्चे की भी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद मृत बच्चों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
– आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहिया डाक बंगला चौक पर दोनों बच्चों के शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने टायर जलाकर विरोध जताया। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारी घटना की जांच और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही बिहिया थानाध्यक्ष सुंदेश्वर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईंट की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों बच्चे और एक अधेड़ आ गए। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे बिहिया क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और जर्जर एवं असुरक्षित निर्माणों की जांच कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

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