भिवाड़ी। पुराने समतल मार्ग पर स्थित जैगवार कंपनी के एक निर्माणाधीन कारखाने में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पानी की टंकी की नवनिर्मित दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबने से एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन बच्चों सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। मृतका की पहचान मूल रूप से बिहार के रहने वाले श्रमिक हेमंत शर्मा की चार साल की बेटी मीनू के रूप में हुई है। हेमंत शर्मा ने रुआंसे गले से बताया कि हादसे के वक्त उनकी पत्नी अरुणा, बेटी मीनू और 5 वर्षीय बेटा ज्योतिष टंकी के समीप ही स्नान कर रहे थे, तभी अचानक यह दीवार उन पर आ गिरी। मलबे की चपेट में आने से वहां मौजूद शिवम (12), श्रीमणि (40) और जीतू (20) भी बुरी तरह घायल हो गए।
दुर्घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को आनन-फानन में भिवाड़ी के एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मासूम मीनू ने दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से चोटिल ज्योतिष और शिवम की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया है। हादसे में घायल हुए अन्य तीन पीड़ितों का उपचार फिलहाल स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा है।
ताजा बनी दीवार में पानी भरने से हुआ हादसा
निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य साथी मजदूरों ने बताया कि इस पानी की टंकी की दीवार का निर्माण महज पांच दिन पहले ही मुकम्मल किया गया था। सीमेंट और ईंटों की यह संरचना अभी पूरी तरह सूखी भी नहीं थी और कच्ची थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरतते हुए टैंक के भीतर करीब 5 से 6 हजार लीटर पानी का स्टॉक कर दिया गया। पानी के भारी दबाव और वजन को यह कच्ची दीवार बर्दाश्त नहीं कर सकी और अचानक ढह गई, जिससे नीचे मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
हाईटेक कंपोनेंट बिल्डर पर लापरवाही के आरोप
इस औद्योगिक प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य हाईटेक कंपोनेंट बिल्डर नामक कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। श्रमिकों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा पेश आया। वर्तमान में इस पूरी साइट पर लगभग 400 से 500 मजदूर दिन-रात काम में लगे हुए हैं, जिससे इतनी बड़ी लापरवाही के बाद वहां कार्यरत अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार और अन्य मजदूरों में गहरा आक्रोश है। परिजनों ने दोषी कांट्रैक्टर और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है ताकि भविष्य में किसी अन्य मजदूर के परिवार को ऐसी प्रशासनिक कोताही का खामियाजा न भुगतना पड़े। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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