भारतीयों की पसंद बनी Toyota हाइब्रिड कार, बिक्री पहुंची 3 लाख

नई दिल्ली। मशहूर वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक नया और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत में टोयोटा की हाइब्रिड (ईंधन और बिजली दोनों से चलने वाली) कारों की संचयी बिक्री का आंकड़ा 3 लाख यूनिट को पार कर गया है। यह शानदार रिकॉर्ड देश में कम प्रदूषण फैलाने वाले और अत्यधिक ईंधन-कुशल (फ्यूल एफिशिएंट) वाहनों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को साफ दर्शाता है। कंपनी ने इस सफलता पर भारतीय उपभोक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रांड की विश्वसनीयता और आधुनिक हाइब्रिड तकनीक पर ग्राहकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

इनोवा हाईक्रॉस से लेकर कैमरी तक, इन मॉडलों ने बाजार में मचाया धमाल

भारतीय बाजार में टोयोटा वर्तमान में पर्यावरण-अनुकूल कारों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश कर रही है, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इनमें प्रमुख रूप से टोयोटा अर्बन क्रूजर हाईराइडर ($Urban Cruiser Hyryder$), बेहद लोकप्रिय इनोवा हाईक्रॉस ($Innova HyCross$), प्रीमियम सेडान कैमरी हाइब्रिड ($Camry Hybrid$) और आलीशान टोयोटा वेलफायर ($Vellfire$) शामिल हैं। इन सभी वाहनों को बेहतरीन माइलेज, न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव के लिए जाना जाता है, जो आज के दौर में पारंपरिक ईंधन कारों का एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहे हैं।

कार्बन मुक्त भविष्य के लिए टोयोटा का ग्लोबल प्लान; घट रहा प्रदूषण

टोयोटा ने स्पष्ट किया कि यह बड़ी सफलता कंपनी की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वह दुनिया को कार्बन न्यूट्रल (प्रदूषण मुक्त) बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी केवल हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल ($HEV$) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य की तकनीक जैसे प्लग-इन इलेक्ट्रिक व्हीकल ($PHEV$), पूरी तरह से बिजली से चलने वाली गाड़ियां ($BEV$) और हाइड्रोजन आधारित फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल ($FCEV$) के विकास पर भी तेजी से ध्यान केंद्रित कर रही है। आपको बता दें कि पिछले तीन दशकों में टोयोटा वैश्विक स्तर पर 3.8 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रिफाइड वाहन बेच चुकी है, जिससे दुनिया भर में लगभग 19.7 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली है।

जानिए कैसे काम करती है टोयोटा की 'सेल्फ-चार्जिंग' हाइब्रिड तकनीक

टोयोटा की गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड तकनीक है। इस सिस्टम में एक कुशल पेट्रोल इंजन और एक शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर काम करते हैं। कार चलाते समय यह तकनीक सड़क और रफ्तार की जरूरत के हिसाब से खुद-ब-खुद पेट्रोल इंजन और बैटरी पावर के बीच स्विच होती रहती है। सबसे खास बात यह है कि इन कारों को चार्ज करने के लिए किसी बाहरी चार्जिंग स्टेशन या प्लग की आवश्यकता नहीं होती। गाड़ी में लगी हाइब्रिड बैटरी 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' (ब्रेक लगाने से पैदा होने वाली ऊर्जा) और चलते हुए इंजन की पावर से अपने आप ही चार्ज हो जाती है।

व्यावहारिक और भरोसेमंद सफर हमारी प्राथमिकता: मैनेजमेंट

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सबारी मनोहर ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कंपनी का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि हमारी व्यापक इलेक्ट्रिफिकेशन रणनीति का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को उनकी दैनिक जरूरतों के अनुसार व्यावहारिक, सुलभ और अत्यधिक भरोसेमंद सफर के साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे कहा कि हाइब्रिड तकनीक पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ मोबिलिटी की ओर बढ़ता हुआ एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इसके जरिए ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की असुविधा के पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को अपना पा रहे हैं।