बीकानेर: राजस्थान के बज्जू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रांधी गांव से गुरुवार की रात एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार की तीन सगी बहनें कृषि कार्य के लिए बनी पानी की डिग्गी में समा गईं, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही समूचे ग्रामीण अंचल में गहरा सन्नाटा पसर गया है और पीड़ित परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।
दैनिक कार्यों के दौरान पैर फिसलने से उपजा संकट
यह हृदय विदारक दुर्घटना उस समय घटित हुई जब खेतूराम मेघवाल की तीनों बेटियां, जिनकी उम्र क्रमशः तेईस, उन्नीस और पंद्रह वर्ष थी, अपने खेत पर बने जल निकाय के पास कपड़े साफ करने और मवेशियों को पानी पिलाने की जिम्मेदारी निभा रही थीं। इसी दौरान रोजमर्रा के काम करते समय अचानक एक बहन का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी से लबालब भरी डिग्गी के भीतर जा गिरी। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभालने में असमर्थ रही और डूबने लगी, जिसने वहां मौजूद अन्य बहनों को झकझोर कर रख दिया।
एक-दूसरे को बचाने के फेर में गहरे पानी में समाईं तीनों बहनें
अपनी सगी बहन को पानी के भीतर जीवन और मौत से संघर्ष करते देख किनारे पर खड़ी दूसरी बहन ने बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश पानी का वेग और गहराई इतनी अधिक थी कि वह भी खुद को नहीं बचा सकी और भंवर में फंस गई। अपनी दोनों बड़ी बहनों को डूबता देख परिवार की सबसे छोटी और पंद्रह वर्षीय तीसरी बहन भी दोनों की जान बचाने के व्याकुल प्रयास में पानी के भीतर उतर गई। देखते ही देखते सुरक्षा के अभाव और गहरे पानी के चलते तीनों मासूम बहनें एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में काल के गाल में समा गईं।
ग्रामीणों की तत्परता और प्रशासनिक अमले द्वारा शवों की बरामदगी
खेत से उठी चीख-पुकार और अनहोनी की भनक लगते ही आस-पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े और स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही बज्जू थानाधिकारी जगदीश पांडर अपने दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करवाया। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तीनों युवतियों के शवों को पानी से बाहर निकाला जा सका, जिन्हें बाद में पोस्टमार्टम और अग्रिम विधिक प्रक्रिया के लिए बज्जू अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया।
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश और संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर
ग्रामीण क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनवारीलाल मीणा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस बल इस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इसे एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा है। इस त्रासद घटना ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है और मृतक बहनों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है, जबकि ग्रामीण प्रशासन से ऐसे खुले जल स्रोतों के आस-पास सुरक्षा घेरा बनाने की मांग कर रहे हैं।

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