मुंबई: आमतौर पर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तनाव बढ़ने के दौर में सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसकी मांग और कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया जाता है। हालांकि वर्तमान में कमोडिटी बाजार का रुख इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है, जिसने वित्तीय विश्लेषकों को आश्चर्यचकित कर दिया है। एक ओर जहां दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती देने के लिए सोने की लगातार खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका के तकनीकी विशेषज्ञों ने बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट का अंदेशा जताया है।
तकनीकी संकेतकों में दिखा डेथ क्रॉस, अगस्त-सितंबर तक रह सकती है सुस्ती
बैंक ऑफ अमेरिका की हालिया रिपोर्ट के अनुसार सोने के वायदा व हाजिर चार्ट पर दो प्रमुख मंदी के तकनीकी संकेतक स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए हैं। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक चार्ट पर 'डेथ क्रॉस' की स्थिति बनी है, जो कि तब दर्ज की जाती है जब 50 दिनों का लघु अवधि मूविंग एवरेज अपने 200 दिनों के दीर्घकालिक मूविंग एवरेज से नीचे आ जाता है। वर्ष 1975 के ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर जब भी सोने में ऐसी स्थिति बनी है, उसके बाद लगभग 70 प्रतिशत मामलों में अगले डेढ़ से दो महीनों तक कीमतों में निरंतर गिरावट ही देखी गई है।
ओवरबॉट स्थिति और आरएसआई के आंकड़ों से बड़े करेक्शन की पुष्टि
सोने में पिछले दिनों दर्ज की गई अनवरत तेजी के कारण बाजार अत्यधिक खरीदारी यानी 'ओवरबॉट' स्थिति में पहुंच चुका था। इस दौरान रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स बढ़कर 90 के अत्यधिक ऊंचे स्तर को छू गया था, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण था कि तेजी का यह दौर अपनी क्षमता से अधिक खिंच चुका था। बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस स्थिति के बाद बाजार में एक बड़े मूल्य संशोधन की आवश्यकता थी, जिसके चलते अब सोने के दामों में लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
4,000 डॉलर का अहम स्तर टूटने से हावी हुए मंदड़िये, आगे और गिरावट के आसार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना $4,000 प्रति औंस के महत्वपूर्ण सहायता स्तर के नीचे फिसल चुका है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार का नियंत्रण पूरी तरह मंदड़ियों के हाथ में आ चुका है। ब्रोकरेज फर्म के विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि यह रुख वर्ष 1980 और 2011 में देखी गई ऐतिहासिक गिरावट के पैटर्न से मेल खाता है। इन चार्ट पैटर्नों के आधार पर सोना नीचे गिरकर पहले $3,600 प्रति औंस और तत्पश्चात $3,315 प्रति औंस तक के निचले स्तर को छू सकता है, जिससे नए निवेशकों को अगस्त और सितंबर के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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