वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य व कूटनीतिक गतिरोध के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) संकट गहराता जा रहा है। इस जलमार्ग में नौवहन बाधित होने और कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ने से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनता से कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की कीमत के रूप में उन्हें महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए तैयार रहना चाहिए।
ट्रंप का बयान: "परमाणु खतरे को रोकने के लिए थोड़ी कीमत चुकानी होगी"
न्यू यॉर्क में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईंधन की बढ़ती दरें एक 'दुष्ट राष्ट्र' को परमाणु ताकत बनने से रोकने का छोटा सा मूल्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर मजबूत नियंत्रण बनाए हुए है और अमेरिका जल्द ही इस क्षेत्र को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का विचार कर सकता है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाइयों के लिए कभी माफी नहीं मांगेगा।
कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों में उछाल
होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) का व्यापार होता है। इसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में पेट्रोल का औसत दाम बढ़कर $4.08 प्रति गैलन पर आ गया है। ईंधन की बढ़ती कीमतें आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले प्रशासनिक स्तर पर भी आर्थिक चिंताएं बढ़ा रही हैं।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और शर्तें
दूसरी ओर, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि किसी ट्वीट या सैन्य धमकी से जलडमरूमध्य पर कब्ज़ा नहीं किया जा सकता। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हटाता, तब तक जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए स्थितियां अनुकूल नहीं होंगी।

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