September 27, 2026

मौसम ने ली करवट, राजस्थान के कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि; तापमान में बड़ी गिरावट

जयपुर। सितंबर के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और शुष्क हवाओं के बाद अब राज्य में बादलों की आवाजाही, हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी तंत्र के संयुक्त प्रभाव के कारण रविवार को प्रदेश के 16 जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

ओलावृष्टि और बारिश से तापमान में भारी गिरावट

शनिवार को मौसम में आया यह बदलाव पश्चिमी राजस्थान से लेकर हाड़ौती और दक्षिणी संभाग के जिलों तक देखने को मिला। जैसलमेर के मोहनगढ़ व हमीरनाडा तथा कोटा के मंडाना क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा नागौर, टोंक, डूंगरपुर, सिरोही, झुंझुनूं और जालोर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। इस मौसमी उथल-पुथल के चलते सिरोही में दिन का पारा करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर और पिलानी में तापमान में 1 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

राजधानी समेत प्रमुख शहरों में मौसम का अलग मिजाज

प्रदेश भर में मौसम का असर मिला-जुला देखने को मिल रहा है। राजधानी जयपुर में दोपहर बाद बादल छाने से धूप कमजोर हुई और अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर में बादलों और ठंडी हवाओं के चलने से पारा 30.6 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली। वहीं सीकर और अजमेर जैसे शहरों में दिन भर तेज धूप और उमस का माहौल रहा, जिसके बाद शाम को हल्के बादल दिखाई दिए।

विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज हुई वर्षा के आंकड़े

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शनिवार को झुंझुनूं में 6 मिलीमीटर और प्रतापगढ़ के सुहागपुरा में 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा संगरिया में 1.5 मिमी, नागौर के मूंडवा में 1 मिमी तथा जालोर, डूंगरपुर और माउंट आबू में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। हालांकि बारिश के बावजूद जैसलमेर 40.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ शनिवार को प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।

पश्चिमी विक्षोभ और आगामी दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर सक्रिय कमजोर विक्षोभ ने हवाओं के रुख में बदलाव किया है। इसके साथ ही पूर्वी नमी आने से राज्य के बड़े हिस्से में मेघगर्जन और बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक बारिश का यह दायरा और बढ़ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से स्थायी राहत मिलेगी, हालांकि कुछ ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका भी बनी हुई है।