आज खुल सकती है TMC के बागी सांसदों की किस्मत, NCPI में विलय पर होगा बड़ा फैसला

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज सोमवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों के नए दल 'राष्ट्रवादी सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (एनसीपीआई) में विलय संबंधी प्रस्ताव पर अपना निर्णय सुना सकते हैं। संसद का मानसून सत्र आज पूर्वाह्न 11 बजे से प्रारंभ होने जा रहा है, जिसके पूर्व ही अध्यक्ष द्वारा इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की संभावना है।

दस्तावेजों की जांच और निर्णय की प्रक्रिया

हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना के बागी सांसदों के विलय को स्वीकृति प्रदान की थी, जबकि टीएमसी के बागी गुट के मामले पर निर्णय सुरक्षित रखा था। बागी सांसदों को संसद में मूल पार्टी से अलग बैठने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। बागी गुट द्वारा चुनाव आयोग में एनसीपीआई के पंजीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज रविवार शाम को अध्यक्ष कार्यालय को सौंप दिए गए थे। सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेजों की विधिवत समीक्षा पूरी हो चुकी है और अध्यक्ष सोमवार सुबह सत्र शुरू होने से पूर्व अपना अंतिम फैसला सार्वजनिक कर सकते हैं।

टीएमसी में बगावत और एनडीए में शामिल होने की कवायद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष उभरा था, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत कर दी। ये सभी सांसद अब एनसीपीआई के बैनर तले एक अलग राजनीतिक दल के रूप में मान्यता चाहते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये बागी सांसद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनने की इच्छा रखते हैं, जिसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक याचिका भी प्रस्तुत की है।

सर्वदलीय बैठक में दिखा विरोध का स्वर

संसद सत्र के पूर्व रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में इस राजनीतिक घटनाक्रम का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। जब बैठक में एनसीपीआई के प्रतिनिधियों के रूप में काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय शामिल हुए, तो विपक्षी दलों ने कड़ी नाराजगी जताई। इस कदम के विरोध में विपक्षी नेताओं ने बैठक से कुछ समय के लिए वॉकआउट भी किया, हालांकि बाद में वे वापस लौट आए। अब सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय पर टिकी हैं, जो इस विलय की वैधता और बागी सांसदों की भविष्य की भूमिका तय करेगा।