नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने कहा कि देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (Country’s Automobile Industry) तेजी से आगे बढ़ रही है (Is progressing Rapidly) । आने वाले वर्षों में यह दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच सकती है ।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि जब मैंने मंत्री पद संभाला था, हमारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया में सातवें स्थान पर थी, लेकिन अब जापान को पछाड़कर दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गई है। भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर गडकरी ने आगे कहा कि मेरे सह मंत्री हरदीप पुरी वैकल्पिक ईंधन पर काम कर रहे हैं, वहीं प्रल्हाद जोशी ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहे हैं। इससे देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के आकार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गडकरी के मुताबिक, अमेरिका 79 लाख करोड़ रुपए के साथ दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट है। चीन 49 लाख करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर है। अब 22 लाख करोड़ रुपए के आकार के साथ भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हमारा देश करीब 22 लाख करोड़ रुपए के जीवाश्म ईंधन का आयात करता है। इस कारण हमारी सरकार की प्राथमिकता वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल है। यह आयात का अच्छा विकल्प है। साथ ही लागत प्रभावी और प्रदूषण से मुक्त है, जिसका सामना आज के समय दिल्ली कर रही है।
गडकरी के मुताबिक, देश में फास्ट चार्जिंग पर तेजी से काम हो रहा है। हमें एक ऐसे चार्जिंग सिस्टम की जरूरत है जो ट्रक, बस, स्कूटर्स, तिपहिया और दोपहिया वाहनों के लिए उपयोगी हो। मौजूदा समय में चार्जिंग सिस्टम पर रिसर्च चल रही है और नए इनोवेशन किए जा रहे हैं और अकेले दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में 400 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने हाल में किए जीएसटी सुधार में कर दर में भारी कटौती की है, जिससे देश में वाहनों की बिक्री को बढ़ाने में मदद मिली है।

More Stories
परिसीमन बिल पर सरकार के सामने नई चुनौती, शरद पवार का समर्थन भी पड़ सकता है कम
TMC में बढ़ी सियासी हलचल, मदन मित्र ने छोड़े सभी पद, ऋतब्रत के खेमे में पहुंचे
संजय राउत का एकनाथ शिंदे पर तीखा वार, बोले- चोरी की संपत्ति का हिसाब देने गए हैं