भोपाल: मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' आर्थिक संबल का बड़ा आधार बन चुकी है। अप्रैल में सीहोर से 35वीं किस्त जारी होने के बाद अब मई 2026 की किस्त का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। राज्य सरकार इस महीने 1.25 करोड़ से अधिक पात्र बहनों के खातों में 36वीं किस्त के रूप में ₹1500 की राशि हस्तांतरित करने की तैयारी में है। हालांकि आधिकारिक तारीख का ऐलान होना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि 10 से 15 तारीख के बीच डीबीटी (DBT) के माध्यम से यह राशि सीधे बहनों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी।
₹1000 से ₹1500 तक का सफर और योजना का विस्तार
मई 2023 में शुरू हुई इस क्रांतिकारी योजना ने महिलाओं के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाया है। शुरुआत में इस योजना के तहत ₹1000 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर ₹1250 किया गया और नवंबर 2025 में एक और बढ़ोतरी के साथ अब यह राशि ₹1500 प्रति माह हो चुकी है। इस प्रकार एक लाभार्थी महिला को साल भर में कुल ₹18,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। विशेष बात यह है कि रक्षाबंधन जैसे अवसरों पर सरकार ₹250 की अतिरिक्त उपहार राशि भी प्रदान करती रही है।
पात्रता के कड़े मानक और चयन प्रक्रिया
योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो मध्य प्रदेश की मूल निवासी हैं और जिनकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच है। इसमें विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुछ स्पष्ट सीमाएं तय की हैं, जैसे:
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परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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घर में कोई आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी (नियमित/संविदा) नहीं होना चाहिए।
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5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि या चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) होने पर अपात्र माना जाता है।
डिजिटल प्रक्रिया: ऐसे जांचें अपना नाम और भुगतान की स्थिति
योजना का लाभ निर्बाध रूप से पाने के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना और डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है। जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, वे आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" विकल्प के माध्यम से अपना विवरण देख सकती हैं। इसके लिए सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज कर ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए भुगतान की पूरी हिस्ट्री और वर्तमान स्थिति की जानकारी घर बैठे प्राप्त की जा सकती है। अब तक इस योजना के माध्यम से राज्य की बहनों को ₹54 हजार करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

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