हसीन वादियों और ऐतिहासिक धरोहरों के बीच स्थित ग्वालियर का खेड़ापति हनुमान मंदिर अपनी भव्यता और चमत्कारों के साथ-साथ प्राचीनता के लिए जाना जाता है.यह मंदिर 1200 साल पुराना है. यह मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. लोगों का अटूट विश्वास है कि इस मंदिर में विराजमान अंजनेय स्वामी अपने भक्तों पर हमेशा करुणा बरसाते हैं. बलशाली और राक्षसों का संहार करने वाले श्री हनुमान के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन करने मात्र से भक्तों को एक अलग ही आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति होती है. ग्वालियर के मध्य में स्थित होने के कारण यहाँ देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु आसानी से पहुँच सकते हैं.
अलग-अलग रूपों में दिखाई देती है प्रतिमा
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की मुख्य प्रतिमा है, जो करीब 1,200 वर्ष पुरानी बताई जाती है. यह प्रतिमा दक्षिण मुखी है जो कि बहुत ही विरले रूप से देखने को मिलती है. भक्तों और जानकारों का मानना है कि इस मंदिर में मौजूद श्री हनुमान की प्रतिमा विभिन्न समयों पर अलग-अलग रूपों में दिखाई देती है और इनकी आभा में भी परिवर्तन नजर आता है. मंदिर के अंदर की सुंदर सजावट और हर कोने से गूंजने वाला ‘श्री राम’ का नाम इस जगह को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना देता है.

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